क्या हम सर्दियों में भीगे हुए बादाम खा सकते हैं: बादाम को कोचिंग का राजा कहा जाता है। यह सबसे पोस्टिक मेवा है और इसकी वजह है इसमें जाने वाले न्यूक्यूट्रिएंट्स। मायकोन नट्स में पाए जाने वाले प्रोटीन, आमेर सहित पदार्थ गुण तो हैं ही जो इसमें सबसे अलग रचनाएं हैं वह पाए जाने वाले ओमेगा थ्री थ्री एसिड शामिल हैं। हेल्थथ एक लौह तत्व की खुराक तो रोजाना भोजन के अलावा बादाम को अपनी खुराक में शामिल करना जरूरी है, ताकि शरीर को संपूर्ण पोषण मिले। बादाम को कई तरीकों से खा सकते हैं, आइए जानें कौन सा तरीका है सबसे बेहतर आदर्श..
बादाम गर्म होता है इसलिए इसकी मिगी को प्रतिदिन जारी करने और निकालने वाले की सलाह दी जाती है। राम मनोहर प्रयोगशाला अशियन होटल नाइफ की डायटीशियन डॉ. मनीषा वर्मा का कहना है कि लोगों को रोजाना शरीर के लिए प्रोटीन और ओमेगा थ्री ट्राइब्स एसिड की जरूरत रहती है, इसलिए कम से कम 14 ग्राम बादाम नट एक युवा औषधि को जरूर खाना चाहिए। इससे करीब 4 ग्राम प्रोटीन शरीर में पाया जाता है और 1 से 2 ग्राम का भी पता चलता है।
बादाम शरीर को एंटीऑक्सीडेंट और गुड फ़ायदे भी देता है। ऐसे में बड़ों को रोज़ाना बादाम जरूर खाना चाहिए. इससे न सिर्फ शरीर बल्कि असेचुरेटेड स्पेक्ट्रा एसिड्स से दिमाग का भी विकास होता है लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि बादाम कितना फायदेमंद है? अभी आउटलुक का सीजन है तो बादाम को सॉलकर या भूनकर कैसे खाया जाए।
बादाम साधारणकर या भूनकर, जानें सही उपाय
हेल्थ एक प्लास्टर बादाम को रोजाना रात में पानी में भिगोकर सुबह का छिलका उतारकर या छिलका सहित खाने की सलाह देते हैं। सीज़ रिंक कोई भी हो, बादाम को भूनकर खाना स्वादिष्ट है, लेकिन कई जगहों पर बादाम को भूनकर भी खाया जाता है, यहां तक कि बड़े बुजुर्ग साथियों को बादाम भूनकर खिलाते रहते हैं।
इस बारे में विशेषज्ञ विशेषज्ञ का कहना है कि बादाम को गुणकारी बनाने की औषधि है। अगर किसी दोस्त को भूख और खांसी हो रही है तो रात में दो बादाम तवे पर तब तक जब तक वह फूल न जाए। उसके बाद उसे हलका हॉट हो तो दोस्तों को खाने के लिए दे दे। वहीं अगर नवजात शिशु है या इतना छोटा है कि बादाम चबाकर नहीं खा सकता है तो उसे बादाम भूनकर और हल्के दूध में घी भी दे सकते हैं। हालाँकि भूनकर को सिर्फ औषधि के रूप में ही बादाम खाना चाहिए। अगर सामान के रूप में बादाम खाएं तो केवलकर खाना सही है।
वहीं कुछ लोग बादाम को घी में तलकर और नमक-काली मिर्च मिलाकर भी खाते हैं. ऐसा करने से बादाम का महिमामंडन तो बढ़ जाता है लेकिन हर रोज इस तरह का बादाम नहीं खाना चाहिए। कभी-कभी ऐसे खाने से कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन हमेशा ऐसे खाने से शरीर में कई ऐसे तत्त्वों को बढ़ावा मिलता है जो नुकसानदेह हो सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 16 दिसंबर, 2023, 19:14 IST
