आशीष कुमार, पश्चिमी चंपारण। क्या आपको पता है कि जिन मोटे अनाजों को हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं, वह सूक्ष्मजीवता से भरी होती है। शरीर को निरोग बनाए रखने से लेकर इसे फूलाद की तरह मजबूत बनाने में ये अनाज अहम भूमिका निभाते हैं। दुनिया के बड़े-बड़े ब्रांड्स भी जर्मनी के अनाजों के मिश्रण से बने खाद्य पदार्थों को संप्रदाय पर स्टॉक करते हैं। इन अनाजों में कुटकी, रागी, ज्वार, चीना, कोदो, सांवा और चावली शामिल हैं। पश्चिमी चंपारण जिले के कुछ किसान भी इसकी खेती बड़े पैमाने पर कर रहे हैं।
सुपर अनाज कहे जाते हैं ये अनाज
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया है। इसके तहत इंटरनेशनल मीटलेट-2023 विषय पर विद्यालय का आयोजन भी किया गया। हॉस्टल में फास्ट फूड से लेकर ओर जाने का संदेश दिया गया। इनमें स्मार्ट खाद्य पदार्थों में कोदो, कुटकी, रागी, चाइना और मकई सहित अन्य अनाज भी शामिल थे।
कृषि की माने तो इनके इस्तेमाल से मधुमेह, रक्तचाप और अल्सर जैसी बीमारी खत्म होती है। इन अनाजों की तुलना में अन्य अनाजों की तुलना बहुत अधिक होती है। इनमें विटामिन-बी, विटामिन-ई, आयरन, नाइट्रोजन, वसा, फाइबर, मैग्नीशियम, मैग्नेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, मैगनीज, कार्बोहाइड्रेट, कार्बोहाइड्रेट के साथ ही एमिनो एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं।
कोडो के फायदे
कृषि वैज्ञानिक और अन्य एजेंसियों के माने तो कोदो एक ऐसा अनाज है जिसके बारे में कम लोग ही जानते हैं। कोडो में ऐसे पोषक तत्त्व पाए जाते हैं, जो पीने के लिए लाभकारी होते हैं। इसे खाने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। साथ ही दिल सैद्धांतिक प्रयोगशाला से भी बच सकते हैं। एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं, जो रेलवे से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और इसमें अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा वजन बढ़ाना, ब्लड प्रेशर और जोड़ों के दर्द में भी यह कमाल है। भारी वजन उठाने वाले लोग इसका उपयोग करते हैं।
हुकूमत के फायदे
आहार में कैल्शियम और स्टार्चयुक्त पदार्थ बहुत अधिक होता है। इसके अलावा इसमें विभिन्न प्रकार के रसायन, एंजाइम और विटामिन पाए जाते हैं। दवाओं में फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, पोटेशियम और बीटा-केरोटिन पाया जाता है। इसके प्रयोग से एसिटेंट एनर्जी, स्ट्रांग हड्डियां और वेट लॉस में लाभ होता है।
रागी के फायदे
रागी मैग्नीशियम मुफ़्त होता है। इसका सेवन सभी लोग कर सकते हैं। यह आपके ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करने में सहायक होता है। साथ ही यह दिल से जुड़ी कई सारी सिक्योरिटी का जोखिम कम करने में भी सहायक माना जाता है। रागी का ग्लाइसेमिक रसायन काफी कम होता है। इसलिए इसका उपयोग वजन कम करने के लिए भी किया जा सकता है। इसी प्रकार अन्य सभी मोटे अनाजों में भी चिप्स की भरमार होती है।
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पहले प्रकाशित : 16 दिसंबर, 2023, 08:18 IST
