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पेट की शर्त के लिए रामबाण है ये पानी में होने वाला फल, स्टाइक खाने पर होता है डबल स्वाद


मोहित शर्मा/करौली. लैबलब पानी के अंदर पैदा होने वाला सिंगाड़े का फल तो आपने कभी ना कभी जरूर खाया होगा। आम तौर पर इसे लोग पानी से उतारते ही इसकी ऊपरी सतह पर थोड़े-थोड़े पानी के साथ ही ताजा-ताजा खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा ही पानी के ठंडे फल को गर्म करके खाया है।

अगर नहीं खाया तो आज हम आपको ऐसे ही पानी के फल और मसालेदार सिंगाड़े के स्वाद के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां देखने के लिए देखें करौली के सैंडल रोड के किनारे के किनारे के नीचे इसका स्वाद लेने के लिए लोग बेसब से इस खिलौने को गर्म करते हैं और बिल्कुल काला कोयला देखने वाले जैसे इस खिलौने को सिंगाड़े के किनारे के किनारे के मौसम में बाजारकर इंतजार करते हैं।

आइसक्रीम सिंघाड़े से डबल लगता है इसका स्वाद
इने बिखरे हुए सिंगाड़े कोचेक के लिए रिकार्ड वासुदेव शर्मा ने बताया कि यहां जो बिखरे हुए सिंगाड़े मिलते हैं। जो तालाब से यूनिवर्सल सिंगाडे की दुकानें चलती हैं। इसमें शामिल हैं सिंगाड़े स्वाद में दोगुने स्वाद लाते हैं और शरीर के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि एक पैकेज में पेट खराब रहता है, उनके लिए तो ये खिलौने वाले सिंगाड़े बहुत ही शानदार रहते हैं क्योंकि इनके सेवन से पेट बिल्कुल साफ हो जाता है। बात की जाये आपके स्वाद की तो कच्ची सिंगाड़े का असली स्वाद बहुत ही लाजवाब लगता है।

इस विधि से सिंगाडे को जाना जाता है
व्यापारी मुकेश कुमार कहते हैं कि सबसे पहले पूरी तरह से तैयार होने वाले मोटरसाइकिल सिंगाड़े तोड़े जाते हैं और फिर उन्हें दो-तीन किलो पानी लेकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तैयार किया जाता है। अच्छी तरह से सिंगाड़े को खोदने के लिए पात्र को ऊपर से बोर और पत्थर से ढक दिया जाता है। उन्होंने बताया कि मसाले वाले सिंगाड़े को समुद्र में खाने से बच्चों को खांसी नहीं होती है और सिंघाड़े से सिंघाड़े का स्वाद भी दोगुना और बिल्कुल अच्छा हो जाता है। ओरिएंटल में स्टॉल लगे सिंगाड़े का सेवन करने से शरीर में तंदुरुस्ती बनी रहती है।

लगभग 1 घंटे में फुलझड़ियाँ तैयार हो जाती हैं
कारोबारी मुकेश कुमार के मुताबिक, 1 घंटे में लगभग 1 घंटे में पककर तैयार हो जाते हैं। यही वजह है कि सामान्य कच्चे सिंगाड़े के बजाय कच्चे सिंगाड़े का भाव भी महंगा रहता है। कुल मिलाकर कच्चे सिंगाड़े की कीमत ₹20 किलो मिलती है। इनका भाव ₹40 किलो चल रहा है। कारोबारी मुकेश कुमार ने बताया कि शुरुआती दिनों में लोग कच्चा सिंगाड़ा खाना पसंद करते हैं तो इस सीजन में हर व्यक्ति को सिंगाड़ा खाना पसंद होता है।

टैग: भोजन 18, करौली समाचार, स्थानीय18, राजस्थान समाचार



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