उत्तर
मल त्याग खून समय पर ज्यादा जोर लगाने से शरीर में के थक्के जमने का खतरा होता है।
कोस्ट हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है।
क्या कब्ज से दिल का दौरा पड़ सकता है: आज के दौर में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा भी ऐसे ही खतरनाक कंडीशन का शिकार जान गंवा रहे हैं। हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक है कब्ज यानी कब्ज। कंबोडिया एक सामान्य समस्या है, जो तेजी से बढ़ रही है। शौच क्रिया प्रतिदिन न कई दिनों में एक बार या शौच के दौरान अत्यधिक ज़ोरदार कब्ज की सबसे बड़ी पहचान होती है। आमतौर पर लोग इसे पेट ठीक से साफ न होने की समस्या से जूझते हैं। लंबे समय तक रहने से लोग मैटली में रहते हैं और इस संबंध में, फिशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, बड़े आंत्र का ट्यूमर, कॉर्टिन और थायरॉयड का खतरा बढ़ जाता है। आज डॉक्टर से जानेंगे कि कब्ज किस तरह का हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
मुंबई के जायनोवा शाल्बी हॉस्पिटल के लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. विलायती पटेल मलत्याग के अनुसार समय बर्बाद करने से सीने में जोर से दर्द हो सकता है और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। कन्स्ट्रक्शन के कारण मल त्यागने में जॉगिंग होती है और इससे ब्लड फ़्लो कम हो जाता है। ऐसे कंडीशन में खून के प्लेस्डर का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में दिल का दौरा या स्ट्रोक भी हो सकता है। अध्ययन के नतीजे तो कोस्टिंग के कारण आंत्र माइक्रोबायोम में परिवर्तन से हृदय संबंधी प्रभाव जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस, उच्च रक्तचाप और अन्य हृदय से जुड़े लक्षण हो सकते हैं। बालिग उम्र के साथ कब्ज की समस्या सबसे ज्यादा होती है। हालाँकि यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि कब्ज के मरीज़ों को दिल का दौरा न पड़े। कुछ मामलों में ऐसा होता है.
डॉक्टर की सलाह तो कोमन एसिड रिफ्लेक्स को बढ़ावा देने वाले सीने में परेशानी का कारण सामने आता है। इससे सीने में गैस और जलन होती है। हालाँकि इससे डरना नहीं चाहिए। सीने में दर्द का सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कब्ज को नियंत्रित करने के लिए समय पर उपचार आवश्यक है। मनोवैज्ञानिक जानकारियों के अनुसार तनाव और शारीरिक मोटापा की कमी भी कब्ज का कारण बन सकती है। यदि आप सप्ताह में तीन बार से कम बार मल त्याग कर पा रहे हैं या मल सूखा, कठोर या मोटा हो रहा है, तो इसका सेवन करना एक संकेत है। मल त्याग करते समय तनाव या दर्द हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
रेस्तरां के अनुसार बस्ती से बचने के लिए लोगों को रोजाना गोल-गोल घूमना चाहिए और ढेर सारे फल, सब्जी और सब्जियां खानी चाहिए। इसके अलावा एक दिन में 8-10 ग्लास पानी की स्थापना होनी चाहिए। जिन लोगों को सिगरेट या थायरॉयड की समस्या है, उन्हें डॉक्टर से मिलकर तुरंत इलाज करना चाहिए। यह भी रखें ध्यान कि अगर कब्ज के साथ-साथ मलद्वार भी बन जाए या शरीर में खून की कमी हो जाए या भारी वजन कम हो जाए तो जल्द से जल्द इलाज करें।
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पहले प्रकाशित : 18 दिसंबर, 2023, 09:56 IST
