शिखा श्रेया/रांची. ठंड के मौसम में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। अगर सही समय पर इलाज न किया जाए तो मरीज की मौत भी हो जाती है। ऐसे में अगर समय रहे तो कुछ खास बातें विशेष तौर पर ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। .लेकिन अगर किसी बात को लेकर सावधानी बरतनी है तो काफी हद तक आप इस खतरे से बाहर हैं.खासकर जो बीपी शुगर के मरीज हैं उन्हें इस वक्त काफी सावधान रहने की जरूरत है.
डॉ. डेवलपमेंट स्टडीज के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक्स में ब्लड का फ्लो काफी धीमा हो जाता है। क्योंकि ब्लड क्लॉट और खून के थक्के जमने की संभावना अधिक होती है। जिस कारण से स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने आगे बताया कि ठंड के दिनों में खून काफी ज्यादा हो जाता है और इसका सबसे ज्यादा असर पूरे शरीर के दिमाग में ज्यादा देखा जाता है। रहता है.
इन लोगों को रहना होगा अधिक सावधान
• डॉ. डेवलपमेंट ने बताया कि वैसे तो ब्रेन स्ट्रोक किसी भी व्यक्ति को मिल सकता है। लेकिन विशेष रूप से उसे बीपी शुगर जैसी समस्या है। वह इस समय अपनी खास दवा रखता है।
• सुबह की सैर बिल्कुल सुबह-सुबह ना जाए, पेड़-पौधों से भरा पेड़-पौधों पर ही जाए। साथ ही समय पर दवा लेते रहे और नहाते समय मित्र गुनगुने पानी से ही नहाए। बहुत ठंडे पानी से स्नानघर से बाहर क्योंकि इससे स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।
• ठंड के मौसम में हर एक व्यक्ति को लगातार सात गुना धूप में आराम मिलता है।इससे आपको विटामिन डी की मात्रा में तो मिलता ही है।साथ ही शरीर में रक्त का प्रवाह भी सामान्य रहता है।
•शारीरिक सक्रियता भी स्टूडियो. इससे शरीर में रक्त का संतुलन सही रहेगा.वहीं, पानी की पर्याप्त मात्रा में पिया और गुण का अर्थ होगा.इससे खून पतला होना जैसी समस्या नहीं होगी. अगर इन बातों का असली ख्याल रखा जाए तो ब्रेनस्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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पहले प्रकाशित : 18 दिसंबर, 2023, 12:58 IST
