विक्रम कुमार झा/पूर्णिया : अगर आपके भीतर संघर्ष करने की क्षमता है तो आप किसी भी रास्ते से आसानी से निपट सकते हैं। ऐसी ही कहानी है इस युवा की। जो तुम्हें झकझोर कर रख देवी. पूर्णिया निवासी रामकुमार यादव आज से 5 साल पहले हरियाणा में स्टॉप ऑटो का संचालन करते थे, हालांकि उन्होंने कहा कि वहां ऑटो स्टार्टअप वह अपने और अपने परिवार की नियुक्ति पूरी तरह से नहीं कर पाए थे। जैसे तैसे समय बांड था.
शहर महँगा होने से कुछ भी नहीं बचा था. वो काफी रहने लगे. कुछ दिन बाद उन्होंने इस काम को छोड़ दिया और घर पर ही अपना खुद का व्यवसाय बनाने का विचार सोचा। आज खुद के साथ एक स्टॉफ की जिंदगी संवार रहें।
सबसे पहले साइकिल पर घूम-घूम कर सिलिकॉन थे नाश्ता
रामकुमार यादव ने कुछ दिन पहले ही साइकल को ठेला रेस्तरां की दुकान में बंद कर दिया था, लेकिन उनकी दुकान में अच्छी क्वालिटी, लीट्टी और भुजा का बेहतरीन स्वाद होने के कारण लोग उनकी दुकान पर रुक कर नाश्ता करते रहते हैं। इसके बाद परिचय की काफी चर्चा होने लगी, जिसके बाद उनकी दुकान भी अच्छी तरह से शुरू हो गई। उसने अच्छा दावा कमाना शुरू कर दिया। अब साइकल के ठेले पर नहीं बल्कि मोटरसाइकिल के ठेले पर वह दुकानें चला रही हैं। पुरानी दुकान पूर्णिया के रणभूमि मैदान के चौक पर चलती है।
रोजाना 500 से ज्यादा पीस बेच लेते हैं लिट्टी
रामकुमार यादव कहते हैं कि वह ₹20 प्रति प्लेट लोगों को नाश्ता देते हैं। इसमें 2 पीस लिट्टी के साथ नोट्स हैं। लहसुन लहसुन, काली मिर्च, अदरक, धनिया पत्ती पूरी तैयार की जाती है। जिस कारण लोग अपनी दुकान पर रुक कर निश्चित रूप से नाश्ते का स्वाद लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह रोजाना 500 से ज्यादा लिट्टी लेते हैं।
अगर कमाई की बात हो तो लिट्टी और एडवेंचर को बेचकर हर रोज 5000 से ज्यादा का रिवाइवल कमाता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने हंगर को बिजनेस बनाया और अगले कुछ दिनों में अभी एक स्टाफ रखा है, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्होंने और दो-तीन लोगों को भी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि अगर आपके अंदर कुछ भी करने की झलक हो तो आप कर डालों नतीजे ऊपर वाला अच्छा ही दे देंगे।
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पहले प्रकाशित : 18 दिसंबर, 2023, 13:34 IST
