अलौकिक प्रताप सिंह/कानपुर: दोस्तों के लिए एक अच्छी खबर है। अब इनसे जुड़ी किसी भी समस्या के लिए यहां-वहां चक्कर नहीं आएंगे बल्कि इन्हें एक ही जगह पर पूरा इलाज मिल जाएगा। बिहार कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डायबिटिक फुटकर कैरियर की शुरुआत हुई है। इसमें सब्जियों से जुड़ी हर समस्या का इलाज, इसी तरह की सब्जी पर मिल की मशीन शामिल है।
बता दें कि शुगर और डायबिटीज़ के मरीज़ों में अक्सर पुरातनपंथी से जुड़े लोग शामिल होते हैं, लेकिन अब उन्हें अपने आहार से जुड़ी हर समस्या का इलाज एक ही जगह पर मिलता है। कानपुर के डायबिटिक फुटबॉल कैरियर, सभी यात्रियों के लिए बेरोजगारी का ठिकाना। सिद्धार्थनगर में हमेशा से ही गरीबों की समस्या बनी हुई है। अगर हल्की सी चोट भी लग जाती है तो वह घाव के रूप में लग जाती है। वहीं, एबीसी में अगर कटने की समस्या आती है तो पूरे सीजन में परेशान रहते हैं। अब इन सभी संभावनाओं के हल के लिए उन्हें अलग-अलग अलग-अलग और अलग-अलग विशेषज्ञों के पास चक्कर नहीं मिलेंगे, बल्कि इस सबसे अलग पर हर तरह का इलाज मिल जाएगा।
न्यूरोपैथी मशीन भी मंगाई
वहीं इलाज के लिए न्यूरोपैथी मशीन भी मंगाई गई है। इस मशीन के माध्यम से अवशेषों के किस भाग में अधिक दबाव पड़ रहा है, कहीं नस में खून का थक्का तो नहीं जम रहा है, यह सब नी का पता मशीन निकलेगी। हैलट अस्पताल में डायबिटिक फुट लैब में यह न्यूर पैथी मशीन आपकी स्त्रैणों का पुरा हाल नामितगी।
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डायबिटिक फ़ुटबॉल कैरियर की हुई शुरुआत
शिव डॉ. देवेन्द्र वर्मा ने बताया कि मधुमेह रोगियों का आतंक हमेशा के लिए काफी विनाशकारी बना हुआ है। दांतों में जलन और मसालों में दर्द की समस्या लेकर भी बड़ी संख्या में छात्र हैं। अब ऐसे सभी पीड़ितों के इलाज के लिए यहां विशेष डायबिटिक फुटवियर लैब बनाई गई है। जहां पर एसोसिएटेड एसोसिएट्स का सारि इंवेस्टिगेशन हो सकता है असिस्टेंट्सगी और डायबिटिक फुटबॉल कैरियर भी शुरू हो गया है। इनमें से किसी एक को बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं।
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पहले प्रकाशित : 19 दिसंबर, 2023, 06:09 IST
