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प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मैथ्यू मिलर ने कहा कि जंग प्रतिबंध के लिए भारत द्वारा दिए गए सुझावों का अमेरिका स्वागत करता है।
दुनिया में एक तरफ रूस-यूक्रेन के बीच करीब दो साल से जंग जारी है। वहीं इजराइल-हमास के बीच दो महीने से जंग चल रही है.
नई दिल्ली दुनिया के कई देशों के बीच युद्ध होने के कारण स्टालिन का निर्माण हुआ। एक तरफ जहां रूस और यूक्रेन के बीच जंग चल रही है। दूसरी तरफ इजराइल-हमास के बीच युद्ध चल रहा है, जिस पर हर किसी की नजर बनी हुई है। इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों को भारत के साथ मिलकर एकजुट करने की इच्छा व्यक्त की है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि नई दिल्ली का कहना है कि भारत अमेरिका का एक प्रमुख साझेदार है और अमेरिका, जापानी और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों को हल करने के लिए भारत की किसी भी तरह की भागीदारी का स्वागत करता है।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब मैथ्यू मिलर से सुपरस्टार ने सवाल किया कि दुनिया में इस वक्त दो बड़े युद्ध चल रहे हैं। एक तरफ रूस और जापानी के बीच तो दूसरी तरफ इजराइल और हमास के बीच। मोदी, अमेरिका, रूस और अरब देशों में काफी लोकप्रिय राजनेता हैं तो ऐसे में इन दो युद्धों को ख़त्म करने के लिए मोदी क्या कर सकते हैं? इसपर जवाब देते हुए मैथ्यू मिलर ने कहा कि ये दोनों विद्वान भारत की तरफ से आने वाले किसी भी प्रकार की सलाह अमेरिका का स्वागत करते हैं।
सचिव विदेश और बिडेन के भारत यात्रा के ज़िक्र की
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, ‘विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मधुर संबंध हैं।’ बिडेन प्रशासन ने भारत के साथ संबंधों पर बहुत अधिक समय दिया है और ध्यान केंद्रित किया है।’ डेली प्रेस ब्रीफिंग में खुलासा करते हुए मिलर ने कहा, ‘सेक्रेटरी (ब्लिंकन) का अपने समकक्ष (जय शंकर) के साथ कोल्ड प्रोडक्ट्स पर काम करना शुरू हो गया है। पिछले कुछ महीनों में यहां एस जयशंकर का कई बार स्वागत किया गया है और निश्चित रूप से एंटनी ब्लिंकन ने भी सितंबर के बाद दो बार भारत की यात्रा की है, इस साल राष्ट्रपति जो बिडेन भी भारत की यात्रा कर चुके हैं। भारत की ऐतिहासिक पत्रिका में जी20 शिखर सम्मेलन और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त बैठकें भी शामिल हैं।’

बता दें कि इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर नौ दिवसीय यात्रा पर अमेरिका गए थे। जहां उन्होंने असिस्टेंट डीसी में थिंक टैंक के साथ चर्चा की थी। इसके अलावा उन्होंने वहां भारतीय सदन में कांग्रेस के सदस्यों, प्रशासन, व्यापार और थिंक टैंक प्रमुखों से भी मुलाकात की।
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टैग: मोदी सरकार, नरेंद्र मोदी, रूस यूक्रेन युद्ध
पहले प्रकाशित : 19 दिसंबर, 2023, 07:54 IST
