अभिषेक मथुरा/हापुड़। दिल्ली-नोएडा से उत्तर प्रदेश के मध्यवर्ती जिलों की पहचान यहां के पापड़ से है। पापड़ का पापड़ देश के अलग-अलग राज्यों में तो अंकित ही होता है, साथ ही यहां के पापड़ की मांग भी यहां बनी रहती है। हाल-फ़िलहाल में पापड़ के कारोबार में मंदी आई, तो डिलिवरी के स्मारकों पर चिंता की रूढ़ियाँ साक्षात् उभरीं। लेकिन जैसे-जैसे मौसम में बदलाव आया और अमेरिका की शुरुआत हुई तो पापड़ के कारोबार में भी तेजी आई।
आंध्र प्रदेश के पुराने बाजार में पापड़ का कारोबार करने वाले वडोदरा पारिख ने बताया कि इस मौसम में पापड़ का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। समुद्र की गुनगुनी धूप में पापड़ का स्वाद लोगों को पसंद आता है। पापड़ को लोग खोजने में, खाना खाने के बाद लेते हैं। पापड़ न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि हाजमे का भी काम करता है।
कलाकार तक हैं ये पापड़ की डिजाईन
पापड़ के दिग्गजों ने बताया कि आजकल उड़द की दाल और चने की दाल पापड़ के सबसे बड़े बाजार में बिकती है। इसका कारण यह है कि इन पापड़ों में लॉन्ग, जावित्री, जायफल, काली मिर्च आदि होते हैं और इस पापड़ के सेवन से शरीर के अंदर गर्मी बनी रहती है। यही वजह है कि उड़द की दाल और चने की दाल के पापड़ निकलते हैं। वृद्ध पारिख ने बताया कि उनके यहां पापड़ लेने के लिए आने वाले लोग देश से बाहर भी पापड़ लेकर जाते हैं।
.
टैग: खाना, भोजन 18, हिंदी समाचार, स्थानीय18, यूपी खबर
पहले प्रकाशित : 19 दिसंबर, 2023, 08:35 IST
