वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर को एक और वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 18 दिसंबर को दूसरी वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। देश की दूसरी भगवा रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में कई नए दोस्तों के बंगले जोड़े गए हैं। ‘कवच’ प्रणाली की एक खास विशेषता यह है कि ट्रेन को दुर्घटना से पहले ही रोकने का काम किया जाता है। उत्तर रेलवे ने जानकारी देते हुए कहा कि देश की दूसरी भगवा रंग की वंदे भारत ट्रेन टक्कर राहत प्रणाली ‘कवच’ से लॉन्च है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा कि ट्रेन को टक्कर से बचाने के लिए केवल ‘कवच’ का लोको कंपोनेंट ले जाना तब तक प्रभावी नहीं है, जब तक कि ट्रेन के पूरे रूट पर पूरा सिस्टम लागू न हो जाए। ट्रककर राइट सितारम का आशियाने यूरोपीय देशों में भी जाना जाता है।
उत्तर रेलवे ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत में यात्रियों को बेहतर डिजाइन, सुविधाएं और गति प्रदान की जाती है। साथ ही ट्रेन, हथियार तकनीक सहित सबसे उन्नत सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। भारतीय रेलवे का कहना है कि अब तक अन्य वंदे भारत स्टॉकहोम में भी कवच प्रणाली लॉन्च की जा चुकी है। उस स्थिति में ट्रेन के इंजन के चालक को स्वचालित ब्रेक लगाने में मदद मिलती है, जब चालक ऐसा करने में विफल रहता है। इस तरह से यह मामा से बचता है और खराब मौसम के दौरान ट्रेन को सुरक्षित रूप से पहुंचाने में भी मदद करता है। हालाँकि वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर कवच प्रणाली नहीं बनाई गई है।
सितंबर में हुई पहली भगवान वंदे भारत की शुरुआत
बताओ. रेलवे ने इससे पहले 24 सितंबर को केरल के कासरगोड और तिरुवनंतपुरम के बीच पहली बार भगवा-ग्रे रंग की वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की थी। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीन असोबेरियम के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया था. इसके अलावा अन्य नौ वंदे भारत स्कोटिया को भी हरी असेंबल दिखाई दिया। वहीं अब दूसरी तरफ भगवा वंदे भारत को वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर शुरू किया गया है।
ट्रेन में कई तरह की सुविधाएँ
उत्तर रेलवे ने इस ट्रेन में यात्रियों को बेहतर सुविधा दी है। ट्रेन में ऑनबोर्ड वाई-फाई इंफोटेनमेंट, लैपटॉप-आधारित यात्री सूचना प्रणाली, बालाजी लैपटॉप, टच- फ्री फीचर्स के साथ बायो- दुर्लभ टॉयलेट, विजिटर मार्केट लाइटिंग, हर सीट के नीचे डायमंड पॉइंट, पर्सनलाइज टच-आधारित इंटेलिजेंट अज़ाबा और चुराए गए खिलौने ब्लाइंड्स जैसे कई खस्ताहाल यात्रियों के लिए दिए गए हैं।
क्या रहेगा रेलवे का रूट और दुकानदार
जानकारी के अनुसार, वाराणसी से नई दिल्ली के बीच आपात्कालीन हुई दूसरी वंदे भारत ट्रेन वाराणसी से दिल्ली के बीच और कानपुर से दिल्ली के बीच हुई। डेरे, सबसे पहले वंदे भारत के चेयरकार का शोरूम 850 रुपये के आसपास था और एलएलसीक्यूटीवीए एसी चेयरकार का शोरूम लगभग 2400 रुपये का था। इसी आधार पर इस ट्रेन का भी कुछ इसी प्रकार का होगा। 16 कोच वाली इस ट्रेन में दो कोच एक्लेक्यूटिवा कार और अन्य चेयरकार के होंगे।
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पहले प्रकाशित : 19 दिसंबर, 2023, 09:57 IST
