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मल्चिंग खेती क्या है? कितना होगा फायदा, कृषि वैज्ञानिक से जानें पूरी बात


लक्षेश्वर यादव/जांजगीर-चांपा: जिले में किसान बहुसंख्यक भूमि पर खेती करते हैं। इसके साथ ही सब्जियों के उपयोग के लिए भी सरल तरीके से कृषि कार्य करें। जिस वजह से उन्हें मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ी है. जो भी सब्जी के पौधे रखता है, तो वह भी ज्यादा अच्छे से नहीं होता है। वहीं जांजगीर चांपा जिले के कुछ किसान अब हाईटेक होते जा रहे हैं। इसके साथ ही जांजगीर के कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग एवं बागवानी विभाग का मार्गदर्शन लेने के लिए सभी किसानों को सलाह दी जा रही है। इसी वजह से अब कृषि-भाजी की खेती के लिए भी हाईटेक तकनीक (मलचिंग टेक्नोलॉजी से) का उपयोग करना सीख रहे हैं। इस पद्धति से किसानों को कई तरह के फायदे मिलते हैं।

जांजगीर चांपा जिले में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि जांजगीर के कृषि विज्ञान मल्चिंग तकनीक से कृषि करने वाले किसानों को बहुत सारे फायदे हैं। रावे ने बताया कि इस मल्चिंग तकनीक में एक प्रकार के दो प्रकार और दूसरे अकार्बनिक दोनों प्रकार के कृषि लाभ होते हैं। उन्होंने बताया कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही कृषि में होने वाले उत्पादन से दो से तीन गुना अधिक उत्पादन होता है।

मल्चिंग कृषि कैसे करें
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि मल्चिंग तकनीक से कृषि करने के लिए लॉन्ग लाॅग क्यारी में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम का उपयोग किया जाता है। हिंदी में इसे थेरेपी तकनीक कहा जाता है। उन्होंने बताया कि कंपनी को एक-एक बूंद अपनी खुराक के अनुसार पानी देना है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से पानी की बचत होती है।

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साथ ही उन्नत खेती होती है, अगर किसान खेती संभव नहीं है, तो पैरा मल्चिंग से भी कृषि कर सकते हैं। किसान अब इस विधि का प्रयोग कर सब्जी उगाने में कर रहे हैं। इस पद्धति का सबसे बड़ा लाभ पानी की बचत है। इसमें फूल गोभी, पत्ता गोभी, हरी मिर्च, बैगन समेत अन्य कई तरह की खेती की जा रही है।

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मल्चिंग कृषि के फायदे

  • इस खेती से पानी की बचत होती है।
  • बाज़ार की समस्या नहीं होती है।
  • इसमें गुणवत्तापूर्ण खेती होती है।
  • इसमें लैपटॉप का तेजी से बढ़ना होता है।
  • आर्गेनिक खेती को बढ़ावा।
  • उद्पादन अधिक होगा, तो किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
  • समय की बचत के साथ ही मेहनत भी कम है।

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