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‘भारत से दूरी बढ़ाओ और चीन से दूरी’, अमेरिका ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख कोटा मुनीर को दी बधाई


पाकिस्तान के सेना प्रमुख कोटा मुनीर - इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: फ़ाइल
पाकिस्तान के सेना प्रमुख कोट मुनीर

पाकिस्तान कीखबरें: कंगल पाकिस्तान की समस्या खस्ता है। वह अपनी प्रोटोटाइप इकोनोमी को मापने के लिए कॉन्स्टैंट कर्ज़ की ‘भीख’ मांग रही है। वहीं राजनीतिक हालात भी स्थिर नहीं हैं। कार्यकारी सरकार बड़े पैमाने पर निर्णय लेने में अक्षम है। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुखों ने अमेरिका का दौरा किया, वहां अमेरिका ने उन्हें दो टुकड़े सुनाए। अमेरिका ने साफ-साफा चित्रांकन करते हुए कहा है कि अपने पड़ोसी देश भारत के साथ करीबियां बढ़ाएं और चीन से दूरी बनाएं। यह निर्देश यहां उन्हें अमेरिकी अधिकारियों ने दिया है।

जानिए अमेरिका ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख को क्या दिया?

अमेरिका दौरे पर क्षेत्रीय पाक सेना के प्रमुख कोटा मुनीर को पासपोर्ट प्रशासन ने कड़ी प्रस्तुति दी है। सुपरमार्केट प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि पाकिस्तान अपनी दोस्ती और चीन के साथ केवल आर्थिक मंजूरी तक ही सीमित रहेगा। यह गलियारा पाकिस्तान के बंदरगाह ग्वादर तक बनाया जा रहा है। अमेरिका ने कहा है कि इस समुद्र तट तक उसकी मित्रता सीमित रहेगी, चीन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था तक पहुंच नहीं मिलेगी। साथ ही पाकिस्तान के दो टुकड़े कहा जाता है कि भारत के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश जारी रखी जाए। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तान सेना के प्रमुखों से कहा था कि अगर उनके देश को वित्तीय मदद की जरूरत है तो उन्हें भारत के साथ व्यापार में कुछ नियम और मान्यताएं शामिल होनी चाहिए।

जानिए चीन के किस कदम से पहले अमेरिका ने पाक को किया आगाह?

मीडिया के अनुसार अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान में चीनी सुरक्षा चौकियों को रोकने के लिए है। मांग की है. ऐसे में अमेरिका ने पाकिस्तान की सेना के प्रमुखों को साफ-साफ कपड़े में समझाया है।

अमेरिकी राजदूत ने बलूचिस्तान का दौरा किया था

हाल ही में अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम ने बलूचिस्तान का दौरा किया था। सितंबर महीने में ये दौरा हुआ था. ‘गुप्त रूप’ से यह टूर ग्वादर पोर्ट का था, जिसे बनाने में चीन का पैसा लगा है। ऐसे में अमेरिका चीन की हरकतों से भलीभांति वाक़िफ़ है। इसके विपरीत हो कि ग्वारदार बंदरगाह के राष्ट्रपति शी जिनपिघ के पसंदीदा प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिवा (बी स्ट्रीक्स) के तहत चीन पाकिस्तान मेमोरियल स्टॉक एक्सचेंज (सीपीईसी) का अहम हिस्सा है। दोनों देशों के बीच असहमति के कारण यह परियोजना गतिरोध पर पहुंच गई है।

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