अनूप/कोरबाः एक ऐसी बीमारी जो उभर कर सामने आ रही है, जो बच्चों से लेकर बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। दरअसल, यह बीमारी तब होती है जब शरीर के अंदर रक्त में ग्लूकोज या शुगर की मात्रा अधिक होती है। हार्ट स्ट्रोक और हार्ट स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ-साथ सॉसेज़ से अंडकोष, किडनी फेल्स और आदिवासियों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस बीमारी को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने इसके बचाव के बारे में जानकारी दी।
आयुर्वेद चिकित्सक नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि चूहों के मुख्य रूप से जुड़ी बीमारी क्या है। इसे नियंत्रित करना भी संभव है। इसके लिए शिक्षा, व्यायाम और ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में बताया गया है कि भोजन में 6 रस होते हैं। इनमें से मधुर (मीठा), लवण (नमकीन), अम्ल (खट्टा), कटु (कड़वा), तिक्त (तीखा) और कषाय (कसैला) हैं।
इस तरह से करें बचाव
डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि चूहों को केवल कातु, तिक्त और कषाय ही आहार लेना चाहिए। जैसे कि गिलोय, जामिन, करेला, तेजपत्ता, बेलपत्रा, कालीजीरी, मेथीदाना आदि लेना चाहिए। इसका पाउडर भी ले सकते हैं। अरहर की दाल, काबुली व हरे चने, कुलथी की दालें। रॉ केला, लीची, अनारा, एवोकाडो और अमरूद के खाद्य पदार्थों से भी शर्करा स्तर नियंत्रित होता है। 3-4 किमी प्रतिदिन टहलें, हल्के योगासन और ध्यान। वजन अधिक है तो नियंत्रित नियंत्रण.
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अन्य के लिए सम्मिलित करें
उन्होंने बताया कि एकान्त भोजन ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। कम तेल और कम लोडर में रोलर को लगातार प्रभाव वाले टेलकर जारी रखें। गेहूं के फल, दूध, छाछ, दही, पनीर, दालें, सोयाबीन और संतुलित अनाज का सेवन करें। चीनी की जगह शहद, गुड़, मैदे के स्वादिष्ट चोकरयुक्त आटा और सुगंध का उपयोग करें। खाना न तो ज्यादा पका हो और न ही कम पकाना चाहिए।
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(नोटः यहां दी गई जानकारी सिर्फ डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा से बातचीत पर आधारित है। इन सभी तथ्यों की न्यूज 18 पुष्टि नहीं करता है।)
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पहले प्रकाशित : 19 दिसंबर, 2023, 14:44 IST
