रीते कुमार/समस्तीपुर. आपका पान तो बहुत खाना होगा लेकिन यह पान बहुत ही खास है। 80 के दशक के बाद इस दुकान में पान खाने की याद आएगी। खास बात तो यह है कि यहां बनाए जाने वाले पैन में 51 प्रकार के चिप्स का उपयोग होता है। आज भी इस दुकान में पहले स्वाद वाला है. दिग्गजों की माने तो आज भी इस पान में 80 के दशक वाला स्वाद मिलेगा। सुपरमार्केट मुख्य पथ केपुर चौक कल्याण दुकान है। जो मानसरोवर पान भंडारा के नाम से है। उनके यहां के पान में स्वाद ही कुछ ऐसा है कि एक बार जो स्वाद चख लेता है वो नाम जरूर आता है.
साल 1980 में इस दुकान की शुरुआत हुई थी. शुरुआती दौर में ही इनका पान स्वादिष्ट होने के कारण काफी प्रचलित हो गया था। इसके बाद इस रास्ते से वाले लोग दुकान पर रुककर स्वाद लेते थे। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे स्वाद अन्य सितारों को अपनी ओर खींच लिया। इतना ही नहीं बिहार के अलावे झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के लोग भी जब इस रास्ते से जाते हैं तो उनके यहां के पान का स्वाद जरूर चखते हैं, क्योंकि यहां एक दो नहीं बल्कि 51 तरह के मसाले से बने पान तैयार होते हैं.
तीन तरह के मिलते हैं पैन
बातचीत के दौरान अलेक्जेंडर विकास कुमार ने बताया कि हमारे दादाजी ने साल 1980 में इस दुकान की शुरुआत की थी। ज़ीनी के समय में इस दुकान का पान काफी मशहूर हो गया था। जिसके बाद इस दुकान पर हमारे सर्वोत्तम उत्पाद थे। अब हम लोग हैं. लेकिन खास बात यह है कि 80 के दशक का स्वाद आज भी हमारे पान में है। इसका नतीजा यह है कि बिहार के दूसरे राज्यों और दूसरे देशों के लोग भी हमारे यहां के पान का स्वाद चखने के लिए आते हैं. मेरे यहां करीब तीन तरह के पान बनाए जाते हैं इनमें सादा पान, मीठा पान और रसगुल्ला पान है. यहां पर 10 और 20 रुपए का पैन है। हमारे यहां का पान स्वादिष्ट होता है क्योंकि लोग खाने के बाद इसे जरूर बनवाते हैं।
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पहले प्रकाशित : 19 दिसंबर, 2023, 21:24 IST
