नई दिल्ली. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वायु प्रदूषण के वैज्ञानिक आकलन से संबंधित एक मामले में ‘अस्पष्ट और अप्रासंगिक उत्तर’ के लिए एनपीएल को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पर 25,000 रुपये की छूट दी।
एनजीटी ने सेंट्रल प्लांट कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) को अपने नजदीकी जापान प्लांट को ‘अनधिकृत कर्मचारियों’ के लिए खर्च करने को कहा और कहा कि यह ‘घोर मित्र और गंभीर वित्तीय निवेशक’ है।
इससे पहले, एनजीटी ने मंत्रालय, सीपीसीबी और तीन अन्य को नोटिस जारी कर कहा था कि वायु प्रदूषणकारी जीवों और मानव शरीर के विभिन्न प्रभावों पर उनके प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए समसामयिक ढांचे की आवश्यकता है, जो कि मनोविज्ञान और मनोविज्ञान है। अभिनेत्री से प्रभावित हो रही हूं।
पीरिन ने कहा कि बार-बार पोर्टफोलियो के मंत्रालय के वकील वायु प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण के लिए एक भी कदम उठाने का उल्लेख नहीं कर सकते।
पृष्ण ने कहा कि इस तरह के अपुष्ट और अप्रासंगिक उत्तर देने के लिए, हमने प्रतिवादी नंबर 1 (मंत्रालय) पर 25,000 रुपये का कम बजट दिया है और उसे एक महीने में वायु प्रदूषण की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण के लिए सभी चरणों का विवरण दिया है। देते हुए एक सशक्त उत्तरदायित्व करने का निर्देश देते हैं।
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पहले प्रकाशित : 20 दिसंबर, 2023, 02:36 IST
