दिल्ली : आपने अलग-अलग तरह की मछली पकड़ी है। लेकिन एक मछली ऐसी है जो आपके प्रोटीन, फार्मासिस्ट और हर कोई कोटा पूरा कर देवी है। ये मछलियाँ बंगाल में हैं। इस मछली का नाम पंकल फिश है। पंकल मछली बंगाल के ग्रामीण क्षेत्र में पायी जाती है। लेकिन इसका बंगाल से लेकर पूरे देश में है। डॉक्टर भी इस मछली को खाने की सलाह देते हैं.
आँखों की रौशनी के लिए जादुई है पंकल फिश
यह मछली आज भी नदियों और नहरों में पाई जाती है। पंकल मछली में वसा कम होती है और प्रोटीन की मात्रा प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। वहीं इसमें मेयोफाइब्रिलर प्रोटीन भी पाया जाता है। ग्रामीण कर्मचारी हैं कि इस मछली के स्वाद की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। यह मछली की आंखों की रौशनी के लिए बहुत ही आकर्षक है। पहले यह बाजार में मछली बहुत सुंदर दिखती थी। लेकिन अब बमुश्किल से गांव के लोग ही इसे देखते हैं, बाजार तक पहुंच तो बहुत मुश्किल है।
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बंगाल के अनुभवी डॉक्टर अमलान डॉक्टर्स ने बताया, ‘पंकल मछली मूल रूप से एक प्रकार की जिओल मछली है। इस मछली को अंग्रेजी में मैड फिश भी कहा जाता है। ग्रामीण बंगाल के लोग इस मछली को बाईं मछली के नाम से भी जानते हैं। यह मछली पकड़ने वाले पोषक तत्वों से भरपूर है। यह मछली विटामिन ई, विटामिन डी, फास्फोरस, हीरा, सेलेनियम से भरपूर होती है।’
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पहले प्रकाशित : 20 दिसंबर, 2023, 18:57 IST
