Homeमनोरंजनभारत रत्न पूर्व पीएम अटल बिहारी योद्धा भी इस मिठाई के थे...

भारत रत्न पूर्व पीएम अटल बिहारी योद्धा भी इस मिठाई के थे दीवाने, जानिए रेसिपी


कृष्ण कुमार/नागौर.नागौर में तरह-तरह के व्यंजन मिलते हैं। पोर्टफोलियो को लेकर कुछ ऐसे विश्व व्यंजन बनाए जाते हैं, जिससे नागौर की विश्व भर में पहचान होती है। नागौर के अटालम की बात करें तो दाल मखनी, स्पेशल जूस और कई तरह के व्यंजन मशहूर हैं। वैसे ही नागौर का रस राश‍िक अपने जायके के लिए फेमस है. रस रफीच का स्वाद भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी भी ले चुके हैं।

मिठाई के किसी भी व्यंजन को बनाने में दो दिन का समय लगता है लेकिन नागौर की रस रफाच को बनाने में दो दिन का समय लगता है। जिसके बाद रस रफीच तैयार होती है। रस रफाच बनाने के लिए दूध का उपयोग किया जाता है। असली दूध को फार्मूला बनाकर उसे बटरो में ढाला जाता है। उसके बाद उसे चासनी मे रखा गया। 24 घंटे तक रखने के बाद उसे चौकोर साईज में रखा जाता है। उसके बाद दूध से रबरी बनाई जाती है। दूध घोंटो तक का नाम उसके बाद रबरी तैयार होता है।

लाजवाब है ये रसा राँची
रबड़ी में दूध के छिलके वाली रसमाधुरी, केसर पिस्ता डालकर बनाई जाती है। इस प्रकार दो दिन की प्रक्रिया के बाद रस रफीच को तैयार किया जाता है। चेतन प्रकाश मिष्ठान के प्रबंधक विक्रम सिंह स्टूडियो के रसा रफाच नागौर की मिठाई सबसे प्रसिद्ध है। यहां बनने वाली रस राशिए ओर खीर पर ये जैसा स्वाद नहीं मिलता. वहीं इस रस राशच को लोग देश विदेश में साथ ले जाते हैं क्योंकि ये कई दिनों तक बुरा नहीं होता है.

दर भी ना के बराबर है
नागौर के रस का स्वाद क्या है, इस बात से पता चलता है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ने नागौर के रस का स्वाद लिया था। कई बार ऐसा भी कहा जाता है कि अपने भाषण में रस रिचा का भाव 440 रुपये तक बिकती है।

टैग: अटल बिहारी वाजपेयी, खाना, भोजन 18



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img