शशिकांत ओझा/पलामू. शरद ऋतु के मौसम में भीषण ठंड के कारण लोग सुबह-सुबह घूमने नहीं जाते हैं। जिससे उनका सुबह का वर्क आउट नहीं हो पाता, तो घर पर ही योग कर ठंड के दिनों में स्वास्थ्य रह सकता है। डाल्टनगंज के अन्वेदकर पार्क स्थित मुक्त योग कक्षा के गुरु पुरूषार्थी पवन आर्या ने बताया कि ठंड के दिनों में सुबह घर से बाहर निकलना मुश्किल होता है। ऐसे में घर पर ही आसन कर सकते हैं। ठंड के दिनों में शरीर ठंडा रहता है।
सबसे पहले गुनगुना पानी पीकर नित्य क्रिया से निवृत्त भूमि पर आसन बिछाकर बैठें। सबसे पहले भतृका प्राणायाम से शुरुआत करें। लम्बी सांस लें और छोड़ें। ये प्राणायाम तीन प्रकार से अलग-अलग लोगों के लिए है। सामान्य, मध्यम और तीव्र गति से किया जाता है। सामान्य गति से सभी उम्र के लोग कर सकते हैं। मध्यम गति से जो सरल निरोग है वो कर सकते हैं. वहीं तेज गति से जो पूरी तरह स्वस्थ हैं वो कर सकते हैं। तेज गति से हाई ब्लड प्रेशर, दिल की समस्या, कमर में दर्द, हॉर्निया के मरीज नहीं कर सकते। इसके अलावा बॉडी हीट मसाज के लिए जानुशीर्षासन, कटि ब्यूटी आसन वेस्टोत्तानासन, ऑक्सिजन जॉगिंग, सूर्य नमस्कार कर सकते हैं।
कपालभाति से पेट भरना संभव है
उन्होंने बताया कि इसमें एक सेकंड में नाक की दोनों नली से सांस लेना होता है। इससे पेट की सारी समस्या, शुगर, मोटापा, मोटापा, बी, जैसे असाध्य रोग भी सामने आते हैं। वहीं शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
अनुलोम विलोम विधि से स्वास नली को रख सकते हैं साफ
उन्होंने बताया कि ठंड के दिनों में नाक जाम होना एक आम समस्या है। जैसे कि आप सरसो तेल, सत बिंदु तेल, बादाम रोगन तेल, अणु तेल को नाक में लगाकर रात में सो सकते हैं। इससे कफ की समस्या सामान्य नहीं है। वही नुलोम विलोम प्राणायाम करने से भी सांस नली में शांति बनी रहती है। इसे तीन से पांच मिनट तक करें.
आसन के फायदे
साइकिल चालन एक ऐसा आसन है जिसमें आपको सवारी चालनी होती है। आदिवासियों को सीधे कर हाथों से चलना चलता है। ये आप दोनों हाथों को मिलाकर क्लॉक वाइस और एंटी क्लॉक वाइस कुकर कर सकते हैं। ऐसा आप हर दिन 5 से 10 बार करना चाहते हैं। इससे चर्बी कम होती है, ठंड नहीं लगती, गैस दूर होती है और फैक्सिबलिट आती है। ये असाध्य बबीता के लिए बेहद जरूरी है, जो कि नाममात्र का सामान है।
ऐसे करें वेस्टोत्तानासन
दोनों हाथ ऊपर की ओर चढ़े हुए स्वास लेकर फिर से स्वास के ऊपर चढ़े हुए पैर के हुक्म को पकड़ रहे हैं। कुछ देर रुकना है फिर नाक को छेदना है। इससे मोटापा, गैस की समस्या, कब्ज, फैक्सिबिलिटी आती है। कमर का एक्स्ट्रा फैट कम होता है। इसे तीन से पांच बार करना है. कमर में दर्द की समस्या वाले इस अभ्यास को नहीं करेंगे। अधिक जानकारी के लिए 7979755595 पर संपर्क करें।
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पहले प्रकाशित : 20 दिसंबर, 2023, 12:51 IST
