सर्वेसर्वा/अयोध्या: रामायण के अनुसार रानी केक के कारण ही भगवान श्री रामचन्द्र जी का वनवास हुआ था। इसके कारण प्रभु राम ने 14 वर्ष तक वन में अपने दिन गुज़ारे थे। इतने ही नहीं भगवान राम के साथ उनकी पत्नी माता सीता और उनके भाई लक्ष्मण भी थे। इस दौरान भगवान श्री राम ने जंगल पर प्रतिबंध लगा दिया था। जंगल में जो भी कुछ खाइयों की कलाकृतियाँ थीं, उन्होंने उसे अपना जीवन बताया था, जंगल में एक फल का नाम आता है कंदमूल फल।
प्रभु राम ने जंगल में जाकर इसी फल का सेवन किया था। कन्दमूली को कई जगह रामफल के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो यह फल जंगली फल है, इसकी खेती नहीं की जाती है, क्योंकि यह वैज्ञानिक और जंगली फल अपने आप में ही मौजूद है, लेकिन इस जंगली फल में कई ऐसे आयुर्वेदिक फायदे हैं, जो इंसानों के लिए बहुत चमत्कारी होते हैं। मूल फल के सेवन से कई तरह के रोग से भी मुक्ति मिलती है। तो जानें आज कांड मूल फल के बारे में विस्तार से जानें।
कंड मूल खाने के फायदे
अयोध्या के आयुर्वेदाचार्य अानंदाचार्य उपाध्याय कहते हैं कि कंड मूल फल एक प्रकार से जंगली फल है। भगवान राम ने 14 वर्ष तक यह फल खाया था। वैसे ही कंदमूल फल का उपयोग सभी चुनौती के लिए बहुत अधिक है कंदमूल फल बहुत लाभकारी कारक है। कंड मूल फल का सेवन करने से इम्युनिटी बूस्टर, शारीरिक रोग संयोजन क्षमता को बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद है। अर्श की दुकान के लिए भी बहुत लाभकारी कारक है। कंदमूल फल आपके में सारी शर्तों को दूर करने के लिए बहुत अच्छा रहता है। खाने में भी बहुत स्वादिष्ट माना जाता है. हर व्यक्ति का खाता हो सकता है. बच्चों से लेकर किताबें तक सभी खा सकते हैं।
कई रोग समाप्त हो गए हैं
वैज्ञानिक दृष्टि से यदि देखा जाए तो कंडमूल फलों में कैल्शियम आयरन और विटामिन सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। साथ ही यह वाइल्ड फल इम्युनिटी बूस्टर के लिए भी बेहद जादुई होता है। ठंडे ठंडे बस्ते में भी इसका सेवन किया जाता है। इतना ही नहीं मूल फल के सेवन से वजन में भी कमी आ सकती है।
वजन में मदद मिलती है
कंद मूल फल में वनस्पति की मात्रा अधिक पायी जाती है। इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। पीछे की वजह से स्वामित्व को नियंत्रित करने में शामिल है। इसके साथ ही मूल फल फ्रूट मेटाबॉलिज्म को भी तेज किया जा सकता है। ऐसा करने से पेट आसानी से पचता है और वजन तेजी से घटता है।
हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद मिलती है
इसके अलावा मूल फल के सेवन से शरीर में आयरन की कमी दूर होती है और हीमोग्लोबिन की मात्रा में भी वृद्धि होती है।
कोलेस्ट्रोल से वास्तविक राहत
कंदमूल फल के सेवन से कोलेस्ट्रॉल में भी कमी आती है क्योंकि कंदमूल फल में विटामिन सी की मात्रा अधिक पाई जाती है। अगर आप रोजाना कंदमूल फलों का सेवन कर रहे हैं तो इससे आपके कोलेस्ट्रॉल में भी कमी आएगी।
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पहले प्रकाशित : 21 दिसंबर, 2023, 16:50 IST
