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नए साल पर कोरोना का साया, फ़्रैंकवेरेंटीन के लिए हो तैयार? एम्स की माइक्रोबायोलोजी माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, जांचें


कोविड-19 भारत अपडेट: नये साल 2024 में बस एक हफ्ता बाकी है और भारत में कोरोना के नये संस्करण JEN.1 का संक्रमण जारी है। देश के लगभग सामने आए एक बेजोड़ समर्थकों में COVID-19 मरीज़ आ गए हैं। इनमें केरल, कर्नाटक, गोवा, स्ट्रॉबेरी प्रदेश, उत्तराखंड प्रदेश, बिहार, अफ़्रीकी आदि शामिल हैं। अगर संक्रमण इसी तरह फैला हुआ है तो नए साल में कोरोना अपना विकराल रूप दिखा सकता है।

कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने देश में काफी खतरनाक बरपाया था, जो अस्तित्व में रेंटीन रेंटीन सेंटर बना था। 14 दिन तक घर-परिवार से दूर ट्रेवलरेंटीन सेंटर में रहने वाले लोग कोरोना से तो ठीक हो गए लेकिन वह अभी तक भूले नहीं हैं। इनफैशन में फैलाया जा रहा है कोविड का नया रूप एक बार फिर से ट्रावेरेंटीन सेंटर्स में ऐसे भर्ती के खतरे का जन्म हो रहा है। हालाँकि इस बारे में एक ब्लॉकचेन कंपनी का बयान है, आइए जानते हैं।

कोरोना के नए बदलावों के संक्रमण को देखते हुए अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या कम हो रही है, हालांकि सभी लोग होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं।

कोरोना के नए बदलावों के संक्रमण को देखते हुए अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या कम हो रही है, हालांकि सभी लोग होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं।

एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकोज के प्रेसिडेंट और एम. फिलाडेल्फिया में सीनियर माइक्रोबायोलोजी आश्रम डॉ. मनाली अग्रवाल का कहना है, ‘अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण को लेकर पैनिक करने की जरूरत नहीं है, इस अलग-अलग लक्षण के अनुसार पुराने कोविड वैरिएंट्स से रिवाइज्ड सीवियर नहीं हैं। खोज में इसके लक्षण मेरे चौथे देखे गए हैं। हालाँकि इस वायरस के वैयक्तिकृत क्षमता और नामांकन को अभी भी लेकर और प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। फिर भी लोगों को इससे मुक्ति के तरीके की आवश्यकता है। कोशिश करें कि मास्क की बोतलें, सोशल डांसिंग स्टेशन और हाथों को साफ रखें।

डॉ. विशेषज्ञों का कहना है कि इम्पैक्ट इम्युनिटी खराब है, जैसे कि गर्भवती महिलाओं, किशोरों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर या रेस्पिरेटरी एसोसिएटेडलिस्ट से सीख रहे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। अभी तक जो देखा जा रहा है, विभिन्न मामलों में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं, ऐसे में शेष मामलों में घर में छूट ठीक हो सकती है लेकिन ऐसा सभी के साथ नहीं है। जिन लोगों में ये गंभीर लक्षण पैदा हो रहे हैं, उन लोगों के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ हॉस्पिटल में भर्ती की जरूरत पड़ सकती है।

जहां तक ​​फ़्रैक्टवेरेंटीन सेंटर्स में आइसोलेट होने की बात है तो अभी सरकार की तरफ से ऐसा कोई ऑर्डर नहीं है और अभी तक किसी भी मामले में ऐसी ज़रूरत नहीं दिख रही है। हालांकि ये नया अलग जरूर है लेकिन थ्री वेव में आया माई पार्ट वाले वायरस ओमीक्रोन के परिवार का ही हिसा है, इसलिए आतंकी को घर पर किराये पर लिया जा रहा है। हालाँकि फिर भी इसे हलके में न लें, बल्कि कोरोना साइंटिस्ट का ध्यान अवश्य रखें।

टैग: कोरोना संक्रमण के मामले, COVID-19



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