
गाजा में इजरायली सेना द्वारा बरपाया गया खार।
7 अक्टूबर को हमास पर इजराइल पर इतना भारी हमला किया जाएगा, इसकी कल्पना भी उन्होंने नहीं की होगी। इजरायली सेना ने गाजा पर तीन बम और मिसाइल बम रखे हैं जो उत्तर से लेकर दक्षिण तक गगनचुंबी स्मारक और खूबसूरत शहर श्मशान में बदल दिए गए हैं। अब यहां सिर्फ बिल्डिंगों के भवनों का निर्माण ही बचा है। गाजा में इजरायली सेना के खौफ का ऐसा तांडव हुआ है, जिसके बारे में सुनकर रूह कांप जाएगी। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायली हमलों में गाजा में अब तक 20 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल और हमास के बीच युद्ध में गाजा पट्टी में 20,000 से अधिक लोग मारे गए। इज़रायली के अधिकारियों के मुताबिक 7 अक्टूबर को इज़रायली में हमास के हमलों का नेतृत्व किया गया, जिसमें 1,200 से अधिक लोग मारे गए। इज़रायल की सेना ने गाजा पर चौतरफ़ा बमबारी और ज़मीन पर हमला करते हुए इस पर प्रतिक्रिया दी। इससे गाजापट्टी में करीब 100 लोगों में से कम से कम 1 को मारा गया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि 7 अक्टूबर से अब तक इजरायली बयानों में 20,057 फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
गाजा में रॉकेट नेक 75 साल का रिकॉर्ड
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 20,057 फिलिस्तीनियों की मौत अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। फ़िलिस्तीनी सेंट्रल स्टॉक ब्यूरो के अनुसार, यह पात्र 1948 के अरब-इज़राइली युद्ध के बाद हुई हिंसा में 15,000 फ़िलिस्तीनी मारे गए। फिलीस्तीनी उस सामूहिक ताकत को नकबा, या “तबाही” कहते हैं। ब्राउन यूनिवर्सिटी में जंग की संख्या पर नज़र रखने वाले और युद्ध की लागत परियोजना के सह-निदेशक नेता सी. क्रॉफर्ड ने कहा कि आबादी के समुद्र तट का दर 20वीं सदी के युद्धों के समान था। उन्होंने कहा, “21वीं सदी में यह विनाश का एक महत्वपूर्ण और असामान्य स्तर है।” समाचार विज्ञप्ति और संयुक्त राष्ट्र ने गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए भी मृतकों की संख्या पर भरोसा किया है। वहीं इज़रायली और अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से आंकड़ों पर सवाल उठाया है।
