उत्तराखंड के खूबसूरत दर्शनार्थियों को देखने के लिए दूर-दूर से यहां पर लोग ताकतवर हैं। अगर आप नए साल के शेड्यूल में सलाह के लिए आ रहे हैं, तो आप बुकलेट का भी आनंद उठा सकते हैं। कसार देवी, बिनसर, लमगड़ा, शीतला क्षेत्र, जागेश्वर धाम, कैंट एरिया के अलावा विभिन्न स्थानों पर आप ईस्टर का लुफ्त उठा सकते हैं।
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अविश्वास से 35 किलोमीटर की दूरी पर विश्व संग्रहालय जागेश्वर धाम स्थित है। जागेश्वर धाम मंदिर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह मंदिर लगभग 2500 वर्ष पुराना है। शिव पुराण, लिंग पुराण और स्कंद पुराण आदि देवताओं में भी मंदिरों का उल्लेख है। दिसंबर से जनवरी महीने के बीच में यहां बर्फ के टुकड़ों पर मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। इस धाम के लोग दूर-दूर से यहां की चौकी पर हैं।
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इंफ़ेक्ट नगर के पास के कैंट क्षेत्र में भी आप समुद्र तट का आनंद उठा सकते हैं, जब यहां पर बर्फ गिरती है, तो काफी संख्या में लोग यहां पर शिखर का आनंद लेते हैं लोग यहां पहुंच कर फोटो और वीडियो भी फोड़ते हैं। शहर के सफ़ेद चाँद से बूढ़ा नज़र आ रहा है। आकाश से रुई सारी बर्फीले समुद्र तटों को आकर्षित कर रही हैं।
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30 किमी की दूरी पर है बिनसर सेंचुरी और यहां पर भी उथल-पुथल का आनंद उठाने के लिए यहां के लोग-दूर से 30 किलोमीटर की दूरी पर हैं इस जगह पर करीब करीब 30 किमी की दूरी पर करीब 5 फीट तक बर्फ है। जंगल के बीच से रोमांच का रोमांच और बिनसर सेंचुरी के जीरो पॉइंट से देखने वाला दृश्य आपको मुग्ध कर देगा। यहां आप हिमालय चोटिया, भगवान, लिंग, नंदा देवी और त्रिशूल जैसे प्रसिद्ध लोगों का भी दीदार कर सकते हैं।
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32 किमी की दूरी पर स्थित यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता और हिमालय की चोटियों के लिए जाना जाता है। शीतलाखेत कुमाऊं की उन जगहों में से एक है, जहां बहुत घना जंगल है। शीतलाखेत के खूबसूरत स्मारकों के साथ लोग यहां बर्फ के नजारे देखने के लिए आते हैं।
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आपदा से 28 किमी की दूरी लमगड़ा पर है और यहां भी बर्फीला जंगल है अगर आप भी इस जगह पर आना चाहते हैं तो आप यहां पहुंच कर ऊंचाई का आनंद उठा सकते हैं।
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अविश्वास से 10 किमी की दूरी कसार देवी पर है। कसार देवी के क्षेत्र में भी बर्फ की परतें हैं, देश-विदेश में यहां पर दर्शनीय स्थलों की यात्रा की जाती है और चट्टानों की लुफ्त की तस्वीरें हैं। ऐसा कहा जाता है कि कसार देवी चुंबकीय ऊर्जा का केंद्र है। दावा है कि दुनिया के सबसे बड़े रिसर्च सेंटर नासा के वैज्ञानिक इस मंदिर के चुंबकीय बताते हैं कि ऊर्जा से चार्ज होने के गुण और प्रभाव पर शोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनके हाथ खाली हैं।
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