उधव कृष्ण/पटना : राजधानी पटना का बाज़ार तिलकुट और तिल से बनी अवशेष से गुलज़ार हो उठते हैं। तिलकुट की सोंधी लोगों को टॉयलेट की ओर आकर्षित कर रही है। लोग तिलकुट की खुशबू को चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर पा रहे हैं।
छात्र हैं कि तिल से बनी तिलकुट की पूरी जांच यानी नवंबर महीने से फरवरी महीने तक भारी बिक्री भी बनी हुई है। पटनावासी ठंड में तिलकुट खाना और उपहार स्वरूप इसे भेट करना पसंद करते हैं।
इस तरह की है तिलकुट
पटना के पश्चिम दरवाजा में स्थित एक होल सेल तिलकुट दुकान के मित्र रजत हैं कि तिल से तिलकुट बनाने की प्रक्रिया लंबी है। वे आगे बताते हैं कि चीनी का उपयोग कम करने और तिल का उपयोग करने के लिए अच्छे तिलकुट बनाने के बारे में अधिक जानकारी दी गई है। चीनी की चाशनी तैयार कर लें और तिलकुट तैयार कर लें। जिसमें प्रभावी वक्त लगता है. वहीं, तिलकुट में भी तीन तरह की वैरायटी होती है। जिसमें चीनी गुड़ और खोए वाले तिलकुट होते हैं। प्रशिक्षु हैं कि लोग इसे भेट में देने के लिए भी उपयोग करते हैं। इसका सीज़न तीन से चार महीने पहले होता है।
जानें क्या चल रहा है रेट?
छात्र हैं जहां चीनी वाली तिलकुट की कीमत 320 रुपये से शुरू होती है। वहीं गुड़ वाली तिलकुट की कीमत अभी 350 रुपए प्रति किलो चल रही है। हालाँकि, तिलकुट के लिए अकाउंट का रेट 300 से 500 रुपये प्रति किलो तक है। बता दें कि चीनी और गुड़ के अलावा खोए वाले तिलकुट भी लोग खास तौर पर पसंद कर रहे हैं. वहीं, तिल से बने अन्य सामग्री और ठंड में जाने वाले आइटम जैसे बादाम स्ट्रिप्स, तिल की चटनी, काले तिल का तिलकुट, पेठा और अनरसा भी लोगों को पसंद आ रहे हैं।
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पहले प्रकाशित : 23 दिसंबर, 2023, 17:03 IST
