
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद।
इजराइल-हमास युद्ध के बीच गाजा के लोगों को राहत देने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यू सूसी) ने अंगीकार के लिए एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव संयुक्त अरब अमीरात की ओर से पेश किया गया था। प्रस्ताव पर अमल करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में मानव सहायता बढ़ाने की मांग को अंगीकार किया है, लेकिन इसमें युद्धविराम का कोई ज़िक्र नहीं है। यूनाइटेड नेशन जनरल ने कहा कि सहायता प्रभावी ढंग से न मिलने के कारण युद्धविराम की बेहद ‘आवश्यकता’ है।
संयुक्त अरब अमीरात द्वारा यह प्रस्ताव कई दिनों तक गहन विचार-विमर्श के साथ तैयार किया गया। इसके बाद 15 देशों की परिषद ने शुक्रवार को इस पर अंगीकार कर लिया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 13 वोट पड़े। जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं डाला गया। वहीं, रूस और अमेरिका मतदान में शामिल नहीं हुए। इस प्रस्ताव में युद्धविराम का कोई जिक्र नहीं है और इस कारण से विशेषज्ञ ने इसे ‘कमजोर’ करार दिया।
गाजा में इंसानियत युद्ध की मांग
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने अंगीकार किये जाने के प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा कि गाजा में लोगों की तरफ से साकील को पूरा करने के लिए युद्ध मानवताविराम ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा, ”मुझे उम्मीद है कि आज के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से अंततः ऐसी मदद मिल सकती है, लेकिन अब भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।’ गाजा में इजराइल की ओर से शुरू हुआ युद्ध अब तक 20,000 से अधिक फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। गाजा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। (भाषा)
