देसी आज़मी/मॉडल। देश में कोरोना वायरस (कोरोनावायरस) का नया वेरियंट दस्तक दे चुका है। इसके बाद लोगों में एक बार फिर से त्राहि-त्राहि मच गई। एडिशनल और प्रोडक्ट के लिए एड्री डिज़ायर जारी किया गया है। वहीं ठंड बढ़ने से लेकर सर्दी खांसी और सामान्य फ्लू के मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है। सामान्य खांसी-ज़ुकाम पर भी लोग विशेषज्ञ तक पहुंच रहे हैं और डॉक्टरों से कोविड जांच का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि डॉक्टर इश्तिहार से एश्यिल जांच और दवाओं के इस्तेमाल के लिए मना किया जा रहा है क्योंकि पिछली बार कोरोना वायरस की लहर में लोगों ने एश्यिायड दवाओं की ओवरडोज अभी ली थी, जिसके साइड इफेक्ट भी मिल रहे हैं।
उत्तराखंड की राजधानी कॉलेज के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फिजीशियन डॉ. स्कोर पांडे ने जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस दे दिया गया है, ऐसे में लोग पैनिक में नजर आ रहे हैं. मौसमी सीजन चल रहा है जिसके कारण कई तरह के वायरल संक्रमण होते हैं जिसके कारण भी खांसी सर्दी हो जाती है। कोरोना के आह्वान के साथ अगर कोई मरीज अस्पताल पहुंच रहा है, तो हम उसकी कोविड जांच लिख रहे हैं।
दोस्त का कोविड के अलावा इन्फ्लूएंजा टेस्ट भी
डॉ. स्कोर पांडे ने बताया कि इसके अलावा इन्फ्लूएंजा का परीक्षण भी किया जा सकता है ताकि पुष्टि के बाद ही सही इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें कोविड या स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो। बुखार, खांसी, सर्दी की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं खानी चाहिए क्योंकि हर तरह की स्थिति और व्यक्ति की उम्र के अनुसार सलाह दी जाती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही काम करना चाहिए।
जरूरत से ज्यादा काढ़ा हो सकता है घातक
डॉ. एकर पांडे ने बताया कि लोग खांसी-जुकाम आदि में एंटीबायोटिक का प्रयोग करते हैं, यह सामान्य बात है लेकिन यह बात ठीक नहीं है। एंटीबायोटिक का रेज़िस्टेंस तैयार हो जाता है। इसके अलावा हर दवा का एक समय और खुराक होती है, इसलिए उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही खुराक लें अन्यथा इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं। जहां से आपको ज्यादा से ज्यादा काढ़ा का प्रयोग करने की जरूरत है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान लोगों ने काढ़ा खूब पिया, जिसका नकारात्मक प्रभाव शरीर में बाद में देखने को मिल रहा है।
कोई मरीज़ नहीं मिला कोविड का
दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि देश में ओमीक्रोन का नया सब-वेरिएंट जे.एन.1 सराउंड दे दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की एड्री शेयरधारक के बाद अस्पताल में पूरी तरह से सेस्टोलेशन जारी है। अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जो कोविड के नए वेरिएंट की पुष्टि करे। यदि ऐसा हुआ तो उसके उद्घाटन के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
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पहले प्रकाशित : 24 दिसंबर, 2023, 16:19 IST
