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छत्तीसगढ़ की रानी झरना ने नए साल में बनाया स्मारक, 100 फीट की दीवार से गिरा है पानी


अनूप/कोरबाः नए साल में अगर आप घूमने का प्लान बनवा रहे हैं तो छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित रानी झरना भी आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। घने जंगलों और तीन पहाड़ों से 100 फ़ुट से अधिक की ऊँचाई पर गिरता झरना आपके दिल और दिमाग को बेहद पवित्र बनाता है। यहां प्राचीन ही आपको प्रकृति के बीच शांति की भावना होगी और यहां तक ​​की प्रेरणा आपको रोमांच का आनंद देगी।

रानी झरना कोरबा जिला और सतरेंगा रेस्तरां के बीच बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात बना हुआ है। वर्ष 2020 में भारी जलवर्षा होने के कारण पहाड़ में तूफान हुआ था। इसी वजह से यहां बहुत ही खूबसूरत झरना 100 फीट से भी ज्यादा की कीमत पर गिर रहा है। ये तीन खूबसूरत पर्वतों के बीच पर बना हुआ है, तो यहां तक ​​पहुंचने के लिए आपको 3-5 किमी तक की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यकीनन मनिये इस साड़ी में आपको पहाड़ और जंगल के बहुत ही खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलेंगे।

बारामासी डेल वाला झरना
इस जगह पर घूमने के लिए सभी मौसमों में सबसे अच्छा समय मिलता है, इसके अलावा यह बारामासी (12 महीने) डाला वाला झरना है। फिर से अधिक होने के बारे में यहाँ नहीं जाना चाहिए। लेकिन समुद्र के मौसम और गर्मियों में यहां बहुत ही संख्या में सैलानी तलवारें हैं। यह स्थान स्थानीय लोगों को गाइड के रूप में ले जाए, क्यों कि जंगल की पगडंडियों में यात्रा करके आप रास्ता भटक सकते हैं। जूते के समय रानी झरना से कुछ दूर और देखने के लिए आप 10 से भी ज्यादा झरना और देखने को मिल सकते हैं।

जंगली खतरे का भी खतरा
जैसा कि आपने बताया कि रानी झरना घने जंगलों के बीच स्थित है। जंगल के बीच के कारण यहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। सुरक्षा के दावे से प्रशासन ने यहां वापसी और वापसी के लिए समय निर्धारित किया है। आप सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक यहां रुक सकते हैं। दोपहर 3 बजे खिलाड़ी के बाद आप वापस लौट आते हैं। शाम होने पर जंगली खतरे का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे पहुंच सकते हैं रानी झरना
बिलासपुर से करीब 120 किलोमीटर, कोरबा से करीब 25 किलोमीटर और अंबिकापुर से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर रानी झरना स्थित है। ड्रैगनबहार तक आप निजी सामान, टैक्सी या बाइक से जा सकते हैं। यहां से आगे वॉटरफॉल तक जाने के लिए आपको यात्रा ही करनी होगी। शुरुआती करीब 500 मीटर का रास्ता आसान है। उसके आगे के पत्थर, घने जंगल, पहाड़ और पानी के बहाव वाले स्थानों को पार करना सबसे आगे होता है।

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