विकास कुमार/चित्रकार: देश के ज्यादातर स्टॉक एक्सचेंजों में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कई दिनों से मौसम में अचानक परिवर्तन आ रहा है, जिसके कारण तापमान में गिरावट की जा रही है। समुद्र का ये मौसम वैसे तो विदेशी लोगों को पसंद होता है। लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी की भी आवश्यकता होती है, क्योंकि दिनों में कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। समूर का ये कई मौसम स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को ट्रिगर करने वाला भी होता है, साथ ही साथ रहने और बचाव के उपाय करना सभी के लिए आवश्यक है।
अगर आपके घर में भी छोटा बच्चा है और आप इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ठंड के मौसम में बच्चों को ठंड के मौसम में अन्य होने वाली बीमारियाँ कैसे बचाएं। तो आपको इस खबर पर ध्यान से पढ़ना होगा। ठंड में मौसम के बदलाव के साथ ही ठंड का दौर भी शुरू हो जाता है। हम बात कर रहे हैं बच्चों को ठंड में होने वाली निमोनिया जैसी बीमारी के बारे में अगर आपके भी बच्चों को खांसी, जुकाम जैसे लक्षण या ठंड से बचना है। तो ठंड के मौसम में बच्चों को सबसे ज्यादा ठंड लगती है। और बच्चों को बड़ी परेशानी होने पर आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
निमोनिया होने का सबसे बड़ा कारण ठंड है
क्राइस्टचर्च मेडिकल हेल्थ सेंटर के डॉक्टर अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ठंड के समय ज्यादातर बच्चों को ठंड से बचाया जाता है। निमोनिया होने का सबसे बड़ा कारण ठंड है। छोटे बच्चों को हमेशा ठंड के मौसम में ढककर रखा जाता है। उन्होंने बताया कि जो गरीब बच्चे होते हैं उनके पास कपड़े नहीं होते हैं वह लोग भी अपने बच्चों को ठंड से बचने के लिए अपाचे का इस्तेमाल करते हैं ताकि बच्चों को ठंड न लगे।
हर दो घंटे में बच्चों का चेक करें स्क्रैप
उन्होंने बताया कि अगर आपके बच्चों ने अपने पास रखे हुए मेटल के कपड़े रखे हैं तो हर 2 घंटे में उनमें से अधिकांश बच्चों के शरीर में रखे गए सामानों की जांच कर लें। पानी का प्रयोग ना करें कपड़ों से ही पोछे। और मुख्य समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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पहले प्रकाशित : 30 दिसंबर, 2023, 21:17 IST
