ओपीपी/सपोरियाः छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भालू के दो नवजात बच्चे मिले हैं। इनमें से एक शावक बाकी रंग का है। व्हाइट शावक की मुलाकात से क्षेत्रवासी हैरान हैं। दोनों शावक जंगल में मिले, बहुत छोटे होने के कारण उन्हें गोद लेकर समुंदर के गांव में छोड़ दिया गया। सफेद भालू को देखने के लिए पूरा गांव इकट्ठा हो गया। वहीं इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई है, तब वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी गांव में मध्य प्रदेश और शावकों को अपने व्यवसाय में ले गए हैं।
छत्तीसगढ़ में सबसे पहले भी यदाकदा सफेद भालू देखे गए हैं। वन विभाग द्वारा दोनों शावकों की विशेष निगरानी रखी जाती है। डिप्टी रेंजर इंजीनियर सिंह ने बताया कि, डिप्टी रेंजर शावकों को रायपुर भेज दिया गया है। रायपुर स्थित जंगल तीरंदाजी में दोनों संयुक्त उद्यम रखे गए हैं। पूर्वी, कोरिया वनमंडल में मा से बिछड़े शावकों को वन कर्मियों की टीम ने बेहतर देखभाल के लिए जंगल सैंकड़ों में तोड़फोड़ की है। भालू के शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इनका वजन चार पौंड से भी ज्यादा है. भालू के शावकों की उम्र एक माह के करीब है शावकों के रूप में बकरी का दूध दिया जा रहा है।
इसलिए होते हैं वाइट
वैसे तो सफेद भालू ध्रुवीय बेरोजगार में रहते हैं। भारत के जंगलों में ज्यादातर काले भालू ही पाए जाते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में दिखाई देने वाले भालुओं को एलबिनो कहा जाता है। असल में, एल्बिनिज़म ऐसे कोयले के कारण जहां हो जाते हैं, जो माइलिन का उत्पादन नहीं कर पाते हैं। इस कारण से उनकी त्वचा, आंखें और बालों का रंग सफेद हो जाता है। जब तक भालू के शरीर में एल्बिनिज़म मौजूद रहता है, वह सफेद या गुलाबी दिखाई दे सकता है।
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पहले प्रकाशित : 31 दिसंबर, 2023, 19:25 IST
