नई दिल्ली दुनिया के अलग-अलग जगहों पर भूकंप आने का रहस्य थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में पहले नेपाल और अब जापान में धरती काम्प गया। नए साल की पत्रिका जापान में 7.6 दिनों के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद सुनामी की विज्ञप्ति जारी की गई। वहीं नेपाल में 31 दिसंबर की रात 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये. साल 2023 में भूकंप की शिकायत काफी गंभीर बनी हुई है। पहले तुर्की और सीरिया में और उसके बाद अफगानिस्तान में भूकंप ने तबाही मचाई।
वैसे तो जापान में एक दिन भूकंप आया था लेकिन साल 2011 में आए भूकंप ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। 2011 में सुनामी में आए भीषण भूकंप ने उत्तरी जापान के बड़े हिस्सों को नुकसान पहुंचाया था और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र भी इससे प्रभावित हुआ था। बता दें कि पृथ्वी के टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा बनाने वाली रिंग ऑफ फायर पर स्थित जापान भूकंप के बारे में बहुत ही संवेदनशील है। साल 2011 में 11 मार्च को उत्तर पूर्वी जापान के तट पर 9 हिस्सों से भूकंप आया था, जिससे पैदा हुई सुनामी ने हजारों लोगों की जान ले ली और जापान में तबाही का मंजर आ गया।
रिक्टर स्कैल पर 9 के भूकंप के झटके 6 से 10 मीटर ऊंचे सुनामी की लहरें पैदा हुईं, जापान के समुद्र तट पर बड़े पैमाने पर खारे ढाटे तट से 10 किमी अंदर तक तबाही मचाई और 18 हजार लोग मारे गए थे। मोटरसाइकिल पर रेलवे को तो भारी क्षति हुई। कई जगह आग लगी, एक बांध ढह गया। 14 लाख मकानों में 14 लाख का कारोबार हुआ।

अक्टूबर महीने में भी भूकंप के झटके 6.6 बताए गए थे। इसके बाद जापानी सीज़न एजेंसी एजेंसी ने सुनामी को लेकर एक भी चेतावनी जारी कर दी थी। जानकारी के अनुसार जापान ने अपने बाहरी द्वीपों के पास भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों ने सुनामी के एक पर्वत से लेकर समुद्र तक की लहरों की तबाही की आशंका जताई थी।
.
पहले प्रकाशित : 1 जनवरी 2024, 14:20 IST
