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कोविड जैसे लक्षण, 3 से 5 दिन में हो रही ठीक, अब इस बीमारी ने बढ़ाए अस्पताल में मरीज


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भारत में इस समय वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है।
व्यवसायियों और वृद्धजनों में यह ठीक हो रहा है।

वायरल बुखार: देश में एक बार फिर कोरोना उन्होंने ही नहीं बल्कि कोरोना जैसी ही एक और बीमारी ने मुश्किल पैदा कर दी है. कोविड के इलाज वाली इस बीमारी के सैकड़ों मरीज रोजमर्रा के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इसके लक्षण भी कोरोना से मिलते जुलते हैं। मरीज को जल्दी से बुख़ार इसमें गले में दर्द, सर दर्द, बदन दर्द और खांसी-जुकाम होता है।

विशेषज्ञों की राय तो कोविड जैसी बीमारी के ठीक होने की समय सीमा 3 से 5 दिन है लेकिन विशेषज्ञों और बुजुर्गों के मामलों में यह समय 8 दिन तक बढ़ रहा है। 3 से 8 दिन के बीच बुखार तो ठीक हो जाता है लेकिन खांसी और सर्दी को जाने में दो सप्ताह से भी ज्यादा का समय लग रहा है।

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बता दें कि परिवार में एक होने के बाद संपर्क में आए सभी लोगों में तेजी से संक्रमण हो रहा है, यह बीमारी वायरल बुखार या मौसमी फ्लू है। डेट ग्रोइंग ही मॅजिस्ट ही नहीं बल्कि इस बीमारी के मरीज़ों में से कईयों की तलाश में ज़बर्डस्टैस्ट टूट गया है।

वेरी कॉन्स्टेंस के धामा फिजिशियन डॉ. सुशील धामा ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों से सामान में खराबी के कारण मरीज आ रहे हैं। यह वायरल फैमिली का ही कोई वायरस हो सकता है जो अप्रसारिक संक्रामक है। विस्फोट को अचानक 102-103 डिग्री फ़ारेनहाइट या इससे ऊपर बुखार चढ़ा हुआ है। खांसी-जुकाम और गले, शरीर और सर में दर्द होता है। साथ ही यह एक दूसरे के संपर्क में आना, कपड़े पहनना, बीमार व्यक्ति के साथ एक ही कमरे में रहने की वजह से महसूस हो रहा है।

बता दें कि वायरल बुखार के साथ ही कोरोना के नए वेरिएंट ने भी आपको एक बार फिर से स्कॉच होल्ड ली है। इसका भी लक्षण है बुखार, गले में दर्द, नाक बहना, सांस लेने में परेशानी, पिछले 24 घंटों में कोविड के जेएन.1 में अलग-अलग 600 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहीं अन्य तरह के बच्चे भी सामने आ रहे हैं। सात महीने बाद गुड़गांव में कोरोना से एक महिला की मौत हो गई। हालाँकि इसके सबसे अधिक मामले अकेले केरल में देखे जा रहे हैं।

डिज़र्वेशन के लिए करें ये काम..

एम नामकरण के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्र का कहना है कि इन्फ्लूएंजा फ्लू हो या कोरोना वायरस इन सभी में से एक ही रास संकट है। ये सभी संक्रामक हैं और एक साइंटिस्ट से दूसरे साइंटिस्ट में फैलते हैं। इस समय वायरल बुखार के मरीज बहुत आ रहे हैं। इसलिए हमेशा सावधानी बरतें. अगर घर में किसी को वायरल बुखार हो तो आपस में दूरी बना लें। उसके पास तो मास्क सॉफ्ट, साबुन पानी से हाथों को बार-बार धोते रहें। बाहर निकलें तो भी मस्जिद की तरफ. खान-पान का भी विवरण. पानी पीएं. ठंड का मौसम इसलिए है कि ठंड से मनाही है लेकिन घर में छोटा सा वातानुकूलित भी रहता है।

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टैग: कोरोना वाइरस, स्वास्थ्य समाचार, इंफ्लुएंजा, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़, वायरल बुखार



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