6 जड़ी-बूटियाँ शरीर में गर्माहट पैदा करती हैं: विस्फोट ने अचानक उत्तर भारत को अपने आगोश में लपेट लिया है। लोगों में कंपनी कंपनी और ठिठुरन बढ़ गई है। हर कोई ज्यादा ठंड की वजह से काम करने से कतराने लगते हैं। लेकिन क्या इस ठंड पर असर करने से शरीर पर कोई असर पड़ता है जिससे ठंड का असर कम हो जाता है। बॉडी एक ऑटोमेटिक मशीन है और इसमें हर प्रतिकुल मानक का सामना करने की क्षमता है। हालाँकि इसके लिए हमारे शरीर में भोजन-पानी का होना जरूरी है जो कि काम करता है।
यानी यदि आपके शरीर में घटक और इलास्टिक सक्रियता से निर्दिष्ट गुण हैं तो शरीर हर हालत में मजबूत बने रहने में सक्षम है। शरीर को ठंड से बचाने के लिए भी बहुत अच्छे तरीके अपनाए जा सकते हैं, शरीर में ठंडक पैदा करने के लिए शरीर में गर्मी पैदा करने वाली चीजें बनाई जा रही हैं। इसके लिए कई तरह की दुर्लभ हेल्थ-बूटियां हैं रयान बॉडी अतिरिक्त उस्मा का उत्पाद कर खुद को गर्म करती हैं। आइए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानते हैं कि वे कौन-कौन सी जड़ी-बूटियाँ हैं जो इस कच्चे के छिलके को शरीर में गर्म रखने में सक्षम हैं।
कौन-कौन सी गर्म-बूटियां हैं गर्म तासीर वाली
साइंसेज डायरेक्टर ने एक रिसर्च के अनुसार प्रकाशित किया है जिसमें कहा गया है कि अधिक ठंड स्तनधारी के लिए प्रतिकुल ब्रेस्टधारी लेज़र आती है। इससे शरीर में कई तरह से नुकसान होने लगता है। यदि तापमान में 10 डिग्री की गिरावट आती है तो इससे कोल्ड स्ट्रेस बढ़ता है। एशियाई देशों में ठंड के मौसम के बाद आसानी से तापमान में 20 डिग्री की गिरावट आ रही है। इस ठंड के प्रकोप से बचने के लिए भारत और चीन के पहाड़ों में कुछ दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल शरीर को गर्म रखने के लिए किया जा रहा है। रिसर्च में दावा-आघात के प्रभाव का संग्रह और परीक्षण किया गया है कि अध्ययन-अध्ययन में शरीर को गर्म रखने की दुर्लभ क्षमता मौजूद है। ये 6 चीजें हैं- काली मिर्च, दालचीनी, शिचुआन काली मिर्च, कुसुम के फूल, सौंठ और हल्दी।
ये शरीर गर्म क्यों है?
अध्ययन में पाया गया कि ये 6 दुर्लभ स्वास्थ्य-बूटियां कम तापमान में शरीर को कई तरह से बचाती हैं। इन जड़ी बूटियों में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में उष्मा उत्पाद को पेश करते हैं। इन हर्ब्स में पाए जाने वाले कंपनी के उत्पाद बेहतर काम करते हैं और प्रतिष्ठा को बढ़ावा देते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह तापमान को बनाए रखने की क्षमता यानी शरीर में तापमान को बनाए रखने की क्षमता को बरकरार रखता है। कुछ शोधों के अनुसार अलग-अलग तरह के 5 रंगों की तासीर-मजाक से तैयार रेसिपी का सेवन करने से शरीर में थर्मोजेनिक प्रभाव बढ़ जाता है। इनमें लाल और पीले रंग को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है।
ये हर्ब्स एल्बम के प्रोजेक्ट के कारण समुद्र में हुई क्षति की भी भरपाई कर देते हैं। अध्ययन में कहा गया है कि वास्तव में, शरीर में तापमान को बरकरार रखने के लिए उष्मा का उत्पादन आवश्यक है और इसके लिए रोबोटिक ग्रीनहाउस की विशेष भूमिका है। इन जड़ी-बूटियों में मौजूद कंपनी में मौजूद अवशेष हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाया जाता है जिससे शरीर में उष्मा अधिक गुणित होती है और इससे शरीर में उष्मा को देर तक सहन करने की क्षमता भी प्रबल होती है।
कैसे बनाये इन नेवे को
इन जड़ी-बूटियों के सेवन का तरीका और भी बहुत कुछ है। संभवतः हो काली मिर्च, दालचीनी, शिचुआन काली मिर्च, कुसुम के फूल, सौंठ और हल्दी को अपने भोजन में शामिल करें। इसके साथ इन सभी में मसाले को शामिल किया गया है और पानी में इसे स्टॉलने के लिए इस्तेमाल किया गया है। फिर इसे अच्छा लें और गुनगुना रहें ही इसे पी.ओ. अगर आप शुरुआत करते हैं तो इसमें शहद और लेबोरेटरी भी शामिल है।
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पहले प्रकाशित : 3 जनवरी 2024, 16:51 IST
