रामकुमार नायक/रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए तीन चरणों में परीक्षा आयोजित करता है। पहले चरण में प्रीलिम्स, दूसरे चरण में मेंस और तीसरे में साक्षात्कार। सभी पर्यवेक्षण से लेकर बाद में ही आप अधिकारी कर्मचारी बन सकते हैं। सिलेबस के अध्ययन के दौरान सीजीपीएससी की तैयारी बेहद महत्वपूर्ण है। प्रीलिम्स परीक्षा से अधिकांश की तैयारी के लिए सिलेबस का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। असल में, सिलेबस से ही पता चलता है कि कौन से पार्ट से ज्यादातर सवाल पूछते हैं। इतना सही अध्ययन कर आप सफल हो सकते हैं।
राजधानी रायपुर स्थित पटेल पैलेस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अनिल दीक्षित सर ने बताया कि प्रीलिम्स परीक्षा के सब्जेक्ट की जानकारी दी गई है। सब्जेक्ट के सिलेबस को पढ़ा नहीं गया है। इसका मतलब प्रीलिम्स में सब्जेक्ट को पढ़ना है और अपने अकाउंट से तैयारी करना है। क्योंकि प्री में सब्जेक्ट का सिलेबस पढ़ना बंद हो जाता है। सब्जेक्ट में शामिल होना चाहिए और पढ़ना चाहिए क्या हमारी लिम इंडस्ट्री होनी चाहिए। तभी तय होगी जब हम प्रीवियस ईयर के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करेंगे।
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इन पार्ट पर मुख्य ध्यान
उदाहरण स्वरूप जैसे कि हम संविधान निर्माता हैं। संविधान में 22 भाग और कई सारे नये संशोधन भी हैं। लेकिन इसके बावजूद भी डेज के साल के प्रश्न दिग्गजों के पार्ट 5 और पार्ट 6 के अनुसार सबसे ज्यादा सवाल पूछे गए हैं। ऐसे में हमारी भी जिम्मेदारी है कि पार्ट 5 और पार्ट 6 को बहुत गहराई से पढ़ें। इसके अलावा, अन्य त्वचा वाले हिस्सों को कम से कम एक सतही तौर पर तैयार करना चाहिए। यह आनंदी पद्धति तैयार सिलेबस में तैयारी करने का एक और शानदार तरीका हो सकता है। मेन्स परीक्षा में सिलेबस का महत्व सबसे ज्यादा होता है।
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पहले प्रकाशित : 4 जनवरी 2024, 13:16 IST
