सौरभ तिवारी/बिलासपुर. पानी पूरा, गुपचुप, फुल्का या पानी बताशा, यह भारत में मिलने वाला ऐसा व्यंजन है। नाम के साथ स्वाद जगह के हिसाब से बदलता रहता है। वहीं, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक पानी की दुकान है, जो 25 साल पुरानी है। यह दुकान बिलासपुर के गोल बाजार में स्थित है। तो वहीं, दुकान खोलने के साथ ही यहां लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। यहां मिलने वाले हैं गुपचुप का खस स्वाद.
बिलासपुर के गोल बाजार में गंगा नाम के पास लंबू जी के गुपचुप की दुकान काफी प्रसिद्ध है। अगर कोई बिलासपुर का रहने वाला है, तो वह इस दुकान को जरूर जानता है। यूक्रेनी दुकान पूरे शहर और राज्य में प्रसिद्ध है। जो भी एक बार यहां पानी पूरा खाता है, वो तीनों का स्वाद हो जाता है। लंबू जी शाम 5 बजे अपने ठेले पर आते हैं, और गुपचुप का ठेला लगाने की तैयारी शुरू कर देते हैं। शाम से 9-10 बजे तक तेरा यह ठेला यहां लगता है और लोग तब तक खाते हैं जब तक तेरा सारा माल खत्म न हो जाए। अगर दाम करें तो आपको लंबू जी के यहां 10 बात रुपये में 5 गुपचुप मिलेंगे।
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काले मटके का पानी है स्वादिष्ट
खास बात यहां पानी पूरी तरह से पानी की है। लंबू भैया खास काले मटके में पानी पीते हैं। इनका पानी चित्र तीखा और कट्टा रहता है। तो वहीं, काली मटकी में पानी का स्वाद और स्वाद बरकरार रहता है। 20 साल से लोग लंबू जी को यहां स्वाद मिल रहे हैं। इन गुपचुप के प्रति लोगों की दीवानगी में कुछ अलग ही स्तर है। लंबू भैया कहते हैं कि लोग भी यहां से चले जाते हैं और अगर बिलासपुर आते हैं तो लंबू जी के यहां गुपचुप खाने वाले निश्चित रूप से आ जाते हैं।
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पहले प्रकाशित : 3 जनवरी 2024, 20:13 IST
