लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा: जनवरी माह से साल 2024 की शुरुआत हो गई है. लोग नए साल की शुरुआत बड़े धूम धाम से मना रहे हैं। लेकिन खरमास के कारण शुभ और मांगलिक कामकाज में अभी भी रोक लग गई है। हिन्दू धर्म में खरमास को शुभ नहीं माना जाता है। तारीख का हिसाब शेखरमास 16 दिसंबर 2023 को लग गया था, जो कि एक महीने बाद इस साल 15 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति खत्म हो जाएगी. अगर आप भी अपने घर में शुभ और मांगलिक कार्य करने वाले हैं तो जानिए पंडित जी ने क्या बताई हैं महत्वपूर्ण बातें।
जांजगीर प्राचीन सील कॉलोनी दुर्गा मंदिर केपंडित बसंत शर्मा महाराज ने बताया कि जब सूर्य धनु राशि में होता है, तब खरमास लगता है। यह खरमास एक माह तक रहता है। इस खरमास में एक माह तक सभी प्रकार के मांगलिक कार्य करने से मुक्ति मिल जाती है। जो 16 दिसंबर 2023 से 15 जनवरी 2024 तक समाप्त हो जाएगा। खरमास के बाद मकर राशि में ही मकर संक्रांति मनाई जाती है और खरमास समाप्त होने के तीन दिन बाद से शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। ध्यान रहे खर मास समाप्त होने के तीन दिन तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं हो पाता है।
खरमास के बादहोगा शुभ कार्य
पंडित बसंत शर्मा महाराज ने बताया कि खरमास समाप्त होने के तीन दिन बाद शुभ कार्य या मांगलिक कार्य करना चाहिए। जैसे विवाह या लग्न. मुंडन, जनेऊ संस्कार और कान छेदन ये सभी कार्य एक माह (कर्मास) के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इसी तरह गृह निर्माण कार्य की शुरुआत भी होती है और नए घर में प्रवेश भी होता है, नए व्यापार की शुरुआत भी होती है। शादी के पहले बार कन्या – वर आना नहीं होता है।
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पहले प्रकाशित : 5 जनवरी 2024, 17:00 IST
