अनूप पासवन/कोरबाः- डिफॉल्ट से लॉन्च तक का समय नामांकन का जन्म होता है। इस दौरान चाकू के टुकड़े के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सचेत किया है कि 24 घंटे के अंदर ही मेडिकल लेने के बारे में चयनकर्ता को दिखाई देनी चाहिए। ऐसा न करने पर शरीर में कई गंभीर विकार हो सकते हैं।
मानसिक और शारीरिक स्थिति बेहतर नहीं होने के बावजूद, चित्रों पर चिंता करने पर ही वह बच्चों को जन्म देने के बाद राह बनाकर लोगों को चकमा दे रहे हैं। कभी-कभी ये कुत्ते तरह-तरह की चट्टानों का पीछा करते हैं, तो कभी रंग और शकलसूरत देखकर भी चिल्लाते हैं। ऐसे में व्यक्ति शिकार हो जाता है और उसके साथ दुर्घटनाएं हो जाती हैं। अभी भूकंप के मौसम में भूकंप के हमले एकाएक तेज़ हो गए हैं। डॉक्टर ने बताया कि जन्म के बाद अपने बच्चों की रक्षा करने को लेकर ऐसे मामले ज्यादा होते हैं। वर्तमान में हर दिन 35 से ज्यादा मामले अस्पताल में आ रहे हैं.
नि: लिनेन एंटी रेबिज का इंजेक्शन
मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डुओ चंद्रकांत भास्कर ने बताया कि रेबीज पर रेबीज का खतरा होता है। ऐसे में 24 घंटे पीड़ित को अस्पताल में संपर्क करके चिकित्सा ले जाना आवश्यक है। इसकी अनदेखी करने पर व्यक्ति रेबीज से प्रभावित हो सकता है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इसी तरह की घटनाओं से संबंधित वृत्तांत से उपचार के लिए दवा की व्यवस्था की व्यवस्था है। यहां नि: इम्यूनो एंटी रेबिज का इंजेक्शन लगाया जाता है।
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पहले प्रकाशित : 5 जनवरी 2024, 12:57 IST
