ॐ प्रकाश निरंजन/कोडरमा: आज के समय में महिलाएं अपने शरीर को फिट रखती हैं और चेहरे पर चमक लाने के लिए डॉक्टर सलाह अपनाती हैं। लेकिन, आजकल 50 साल तक की महिलाएं जुंबा और एरोबिक्स डांस के जरिए कॉमेडी में अपनी को फिट रख रही हैं। महिलाओं ने बताया कि इससे उन्हें तनाव से मुक्ति मिलती है और वजन कम करने में भी यह काफी सहायक हो रहा है।
एक घंटे की दूरी होती है दिन भर का तनाव
झुमरी तिलैया के गांधी स्कूल रोड में संचालित द किंग डांस एकेडमी में शहर के अलावा 12-15 किमी दूर की महिलाएं रोजाना शाम में डांस क्लास के जरिए खुद को फिट रख रही हैं। मिथलेश सिंह ने बताया कि डांस क्लास में घरेलू कामकाजी महिलाओं के अलावा वकील, टीचर्स समेत वर्किंग वूमेन लीडर्स एक घंटे की क्लास कर दिन भर के तनाव को दूर करते हुए खुद को फिल्माती हैं।
अब पार्टी सुविधा और में नहीं झेलनी गॉड शर्मिंदगी
जुंबा और एरोबिक्स डांस क्लास करने वाली महिलाओं ने बताया कि पहले सभी फिटनेस को लेकर काफी चिंता की स्थिति थी, लेकिन जब से उन्होंने डांस क्लास करना शुरू किया, तब से उन्हें इस समस्या से मुक्ति मिल गई है। डांस किसी पार्टी या फीचर में नहीं आई थी, लेकिन उन्हें शर्मिंदगी झेलनी बंद कर दी गई थी, क्योंकि वह अन्य महिलाओं की तरह फ्रैंक एंजॉय और डांस नहीं कर पाई थीं। डांस क्लास के बाद उनके अस्सिटेंट में बढ़ोतरी हुई है और सभी अपनी लाइफ को फ्रैंक जी रही हैं।
डांस से वजन कम करने में मिली मदद
डांस के माध्यम से बॉडी को फिट रखने के लिए प्रीति कुमारी करीब 15 किमी दूर कोडरमा से नियमित तौर पर डांस क्लास करने आती हैं। रिंकी राज ने बताया कि जुंबा डांस के जरिए दिन भर की थकान से पूरा शरीर रिलेक्स फेल हो जाता है। डांस क्लास से उनका करीब 10 किलो वजन भी काम हुआ है। डांस से शरीर लचीला बनता है।
चेहरे पर खुशियाँ और चमक लेकर लौटती हैं घर
लक्ष्मी वर्णवाल ने बताया कि शाम के डांस क्लास को लेकर वह अपने घरेलू कार्य को जल्दी करने के लिए यहां मौजूद हैं। यहां अपनी उम्र की महिलाएं मिलकर डांस करते हुए शारीरिक और मानसिक रूप से फोटो खींचती हैं। बताया गया है कि यहां उन तक पहुंचने से ऐसा लगता है कि हम सभी अपने बचपन के दिनों में वापस आ गए हैं। क्लास के बाद घर जाने पर चेहरे पर खुशी और चमक रहती है।
चिकित्सा के रूप में नृत्य काम करता है
दीपा सिन्कर ने बताया कि वह 6 साल से डांस के जरिए खुद को फिट रख रही हैं। शुरुआती दौर में घरवाले डांस करने से मना करते थे। लेकिन जब नृत्य के माध्यम से वह तैरता रहता है तो बाकी का भी सहयोग मिलता है। डांस करने से तनाव कम होता है. यह एक तरह से औषधि के रूप में काम करता है। डांस के दौरान म्यूजिक की धुनों पर आनंद लेते हुए हमारे शरीर के सभी अंग काम करते हैं।
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पहले प्रकाशित : जनवरी 6, 2024, 16:48 IST
