
जापान में ओलंपिक का एक दृश्य।
जापान में आए प्रलय भूकंपकारी में दिवंगत लोगों का पात्र 126 पहुंच गया है। अभी भी 200 से ज्यादा लोग लापता हैं। ऐसे में मृतकों का किरदार और अधिक बढ़ने का खतरा है। वहीं भूकंप के बाद मूसलाधार बारिश और भीषण तूफान ने भूकंप का जीना भी बंद कर दिया है। बता दें कि जापान के पश्चिमी तट पर पिछले सप्ताह 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के बाद झटकों से और मकानों के ढहने और मुख्य भूस्खलन से राहत सामग्री में कणों का खतरा भी खत्म हो रहा है।
भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र इशिकावा प्रांत में एक बच्चे की अचानक मौत हो गई और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। यह बच्चा भूकंप के दौरान ही पूरी तरह से पानी के ऊपर से नीचे तक झुलस गया था। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भूकंप के झटके आते रहे तो पहले से क्षतिग्रस्त मकान और सड़कें पूरी तरह से नष्ट हो सकती हैं। शनिवार की रात और रविवार को बारिश होने से समुद्र तट पर यह खतरा और भी बढ़ गया है। शनिवार को मृतकों की संख्या 126 हो गई।
यहां पर सबसे बड़ा जानवर है
वाजिमा शहर में सबसे ज्यादा लोगों की मौत की रिकॉर्डिंग की गई। वाजिमा में 69, सुजु में 38 लोगों की मौत हुई है। वहीं 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कम से कम 27 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भूकंप के कारण मकान ढहने वाली सड़कों पर चट्टानों के रूप में टुकड़े हो गए हैं और इस ज्वालामुखी के नीचे दबकर लगभग सभी वस्तुएं नष्ट हो गई हैं। रबड़ की तरह टेढ़ी-मेढ़ी होलें। अधिकारियों के मुताबिक, 200 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं, हालांकि संख्या घट-बढ़ रही है। वहीं अनामिजु में दाहे दो मकानों के नीचे 11 लोगों के होने की जानकारी है। (पी)
