अनूप सैनी/कोरबाः- मकर संक्रांति का त्योहार इस बार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। जिस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, उसी दिन मकर की संक्रांति मनाई जाती है। इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाना उत्तम फलदायी होगा। कोरबा के ज्योतिषी पंडित चन्द्रा मंदिर ने क्या बताया, आइए जानते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित दशरथ नंद मंदस जी ने बताया कि सूर्य और शनि एक पिता और पुत्र हैं, लेकिन शत्रु हैं। इसलिए जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब दोनों राशियों का संयोजन में एक साथ सामंजस्य बिठाया जाता है, कहीं भी तनाव नहीं होता है, इसके लिए मकर संक्रांति के दिन की विधि विधान से सूर्य और शनि की पूजा की जाती है। किसी को इस दिन सुबह स्नान करना चाहिए, स्नान के लिए पानी में थोड़ा गंगाजल और काला तिल जरूर देना चाहिए। स्नान के बाद भगवान सूर्य देव को अर्घ देना चाहिए।
मकर संक्रांति पर क्या करें दान
उन्होंने बताया कि नियमित पूजा पाठ के बाद इस दिन शनि देव को प्रिय काली वस्तु का दान करना चाहिए और सूर्य देव से संबंधित लाल नीबू का दान करना चाहिए। इससे सभी को संपूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
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मकर संक्रांति का शुभ अवसर
- मकर संक्रांति पुण्य कालः 07:15 पूर्वाह्न से 05:46 अपराह्न तक
- अवधिः 10 नवजात 31 मिनट
- मकर संक्रांति महापुण्य कालः प्रातः 07:15 बजे से प्रातः 09:00 बजे तक
- अवधिः 01 घंटा 45 मिनट
- मकर संक्रांति का क्षण: 02:54 AM
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पहले प्रकाशित : जनवरी 6, 2024, 13:01 IST
