
चीन की सरकारी यात्रा पर जा रहे मोइज्जू।
मालदीव के राष्ट्रपति सीना का दौरा: राष्ट्रपति बनने के बाद चीन के बजाय भारत की आधिकारिक पहली यात्रा की घोषणा राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने की। ऐसी परम्परा चल रही है कि व्यापार का कोई राष्ट्राध्यक्ष चुनाकर आता है, तो परम्परागत रूप से पहले भारत की यात्रा करता है। ऐसा ही नेपाल में भी है कि वहां जो प्रधानमंत्री बनता है, पारंपरिक रूप से पहले भारत की यात्रा करता है। इसका उद्देश्य भारत के प्रति जनसंचार का एक अनकहा संबंध है। लेकिन तानाशाही के राष्ट्रपति मोइज्जू ने इस परंपरा को तोड़ दिया है। वे भारत की बजाय अपनी पहली सरकारी यात्रा के रूप में चीन जा रहे हैं। मोइज्जू भारत में विपरीत रुख के विपरीत जाने जाते हैं।
डेमोक्रेट की मंत्री मरियम शिउना द्वारा मोदी पर फिल्म की टिप्पणी के बाद हंगामा मच गया। इस विवाद के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की पत्नी साजिदा मोहम्मद रविवार रात चीन के दौरे पर निकलीं। यह यात्रा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंघ के न्योते के बाद हो रही है। मोइज्जू के साथ उच्च वैज्ञानिक परमानंद भी जा रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों शीर्ष नेताओं की बीच में साझा बैठक होगी। साथ ही आयाम नये आयाम गढ़ेंगे। यह यात्रा 8 से 12 जनवरी तक रहेगी।
मोइज्जू की पहली सरकारी यात्रा के बाद अवकाश ग्रहण किया गया
मोहम्मद मुइज्जू को चीन के समर्थक राजनेता के रूप में देखा जाता है। राष्ट्रपति मुइजू के रात्रिभोज के बाद यह उनकी दूसरी विदेश यात्रा है। टोकपी28 शिखर सम्मेलन में दुबई पहुंच से पहले तुर्की का दौरा किया गया था। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के राष्ट्रपति का एक स्वागत समारोह और स्वागत भोज की मेजबानी करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि पुराने ज़माने की कंपनी और बाज़ार से मित्रता रही है। निजीकरण की स्थापना के बाद पिछले 52 वर्षों में, दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ सम्मान को अस्वीकार कर दिया है।
इससे पहले राष्ट्रपतियों ने भारत को अपने पहले दौरे के लिए चुना था। यहां तक के कट्टर भारत विरोधी नेता मोहम्मद वाहिद ने 2012 में और इसके दो साल बाद अब्दुल्ला यामीन ने भी भारत को ही देशभक्ति दी थी, लेकिन मुइज्जू ने चीन को ही देशभक्ति दी है।
चीन की सरकारी मीडिया ने भारत के खिलाफ उगला जहर की खबर दी
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने भारत के खिलाफ फिर से जहर उगला है। ग्लोबल टाइम्स ने भारत से चीन की ओर से और अधिक खुलेपन की अपील की है। ग्लोबल टाइम्स ने अपने संस्करण में लिखा है कि चीन और बाजार के बीच सहयोग का एक लंबा इतिहास है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संबंध 1981 में शुरू हुए। दिसंबर 2014 में, दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चीन-मालदीव संयुक्त समिति की पहली बैठक बीजिंग में हुई।
ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय मीडिया में राष्ट्रपति मुइज्जू के चीन दौरे की झलक जहर उगला के साथ पेश की। उन्होंने लिखा कि भारतीय मीडिया ने मोइज्जू की चीन यात्रा पर काफी ध्यान दिया है। भारतीय मीडिया को पहले से पता था कि राष्ट्रपति भारत यात्रा से पहले चीन का दौरा कर सकते हैं। ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि इससे पता चलता है कि भारत दक्षिण एशिया को अपने प्रभाव क्षेत्र के रूप में देखता है। ग्लोबल टाइम्स ने ज्ञान देते हुए कहा कि भारत से पहले जाने चीन के मुइज्जू के फैसले का मतलब यह नहीं है कि वह “चीन समर्थक और भारत विरोधी” है।
चीन-मालदीव की ताकत की
ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा कि 2017 में, दोनों देशों ने एक मुक्त व्यापार अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत उन्होंने थोक व्यापार में 95 प्रतिशत से अधिक टुकड़े के टुकड़े को शून्य तक कम करने की मांग की। साथ ही, दोनों स्टार्स ने अपनी सर्विस अवेलेक्शंस को और स्केलेरिटीज़ की रेंज भी ढूंढ ली है। उन्होंने 2010 से आगे लिखा, चाइना कॉन्स्टैंट 10 साल तक के प्रोडक्शन के लिए फिल्म का सबसे बड़ा सोर्स रहा है। 2022 में, लघु व्यापार साल-दर-साल 10.1 प्रतिशत बढ़कर $451 मिलियन हो गया।
मुइज्जू को चीन के साथ दोस्ती का लाभ दिखाया गया
चीनी मीडिया ने बताया कि दोस्ती से मार्केटिंग को क्या फायदा होगा। माले के मेयर के रूप में अपने कार्यालय के दौरान, मुइज्जू को व्यवसाय और समाज पर बी के सकारात्मक प्रभाव की स्पष्ट समझ थी। ऐसे में उन्होंने बी-क्रिकेट इंडस्ट्रीज़ की भागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया। उनकी चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर बी के तहत सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद है।
