परंपरागत यादव/अंग्रेज़ी: यूनिवर्सिटिल में आउटलेट का ख़ज़ाना जारी है। हाडा कंपनी वाली ठंड ने जीना मुहाल कर दिया है. कोहरा ने भी आम जनता को परेशान कर रखा है. ऐसे में लोगों को पूरे साल धूप नहीं मिल रही है। लगातार कुछ दिनों तक धूप न मिलने से लोगों के अंदर मानसिक विकार उत्पन्न होने लगता है। ठंड के महीनों में कई लोगों की मानसिक स्थिति में बदलाव देखने को मिलता है। इसे आम भाषा में ‘विंटर ब्लूज़’ कहा जाता है। जानिए विंटर ब्लूज़ से कैसे सीखें?
काल्विन अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. राकेश प्रशिक्षु हैं कि कोल्ड कोल्ड कोल्ड में लगातार धूप न होने से वहां के स्थानीय लोग मानसिक रूप से प्रशिक्षित हो जाते हैं। उनके शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है। इसका असर उत्तर भारत में भी कुछ लोगों को देखने को मिला। डॉ. छात्र हैं कि मानसिक बीमारी से ग्रस्त लोगों का मानसिक विकार ठंड के मौसम में बढ़ने से लेकर परामर्श लेने के लिए अस्पताल आते हैं। उनके अध्ययन से पता चला कि यह भी कोल्ड कोल्ड में होने वाले विंटर ब्लूज़ बीमारी के समान ही लक्षण दिख रहे हैं। हालाँकि उन लोगों को दवा देने के साथ ही धूप में बैठने की सलाह दी गई।
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण
डॉक्टर राकेश के सहयोगी बताते हैं कि इस बीमारी में चिड़चिड़ापन नहीं बनना उदासी का असर होता है। अगर आपको एक हफ्ते से ऐसी समस्या हो रही है तो आपको यह बीमारी हो सकती है। इससे लोगों में अवसाद की समस्या बढ़ती दिख रही है। डॉ. राकेश कर्मचारी हैं कि इस समय प्रतिदिन लगभग 8 रोगी अस्पताल छात्र-छात्राएं से परामर्श ले रहे हैं।
कैसे बनायें
इस तरह के आरक्षण के लिए दैनिक योग लक्ष्य बनाएं येलो लाइट का उपयोग करें और साथ ही खान-पान का विशेष ध्यान रखें। मसालों में म्यूजिकल आहार सीजनल फल और ग्लूकोस का सेवन करें। जंक फूड के सेवन से बिल्कुल सही ऑर्डर करें.
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पहले प्रकाशित : 8 जनवरी, 2024, 16:18 IST
