सौरभ तिवारी/बिलासपुरःसमोसा एक ऐसी वैलिडिटी डिश है जिसमें बिना शाम की चाय अधूरी मनी होती है। जिसे लोग बेहद चाव से खाते हैं. सुबह हो या शाम समोसा चाय या कोल्ड्रिंक के साथ हमेशा पसंद किया जाता है. लेकिन छत्तीसगढ़ में समोसे के साथ पोहा का कॉम्बिनेशन बेहद अलग है. आपको बता दें कि बिलासपुर, रायपुर समेत कई शहरों में समोसे की एक से बढ़कर एक वैरायटी मिल मांगती है। कहीं कीमा समोसा, तो कहीं धार्मिक समोसा, या फिर कुछ अलग ही तरह का स्टफिंग वाला समोसा बाजार में मिल जाएगा। इसी बीच आज हम आपको मिनी समोसा के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसका हर कोई आशिक है. और यह बहुत ही हैरान कर देने वाली बात है तो आप हैरान हो जाएंगे।
बिलासपुर के तेलीपारा में स्थित अमर उजाला सेंटर काफी प्रसिद्ध है। यहां शाम होते ही समोसा खाने वालों की लाइन लग जाती है. इनमें से समोसे काफी स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन खास बात यह है कि हरे समोसे का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. साथ में ये मिर्च वाली लाल चटनी भी देते हैं जो तीखा खाने वालों को पसंद आती है. नाश्ता सेंटर के मालिक ने बताया कि यहां आपको सिर्फ 15 रुपये में 4 समोसे मिल जायेंगे. यह बांध शहर में सबसे कम है। 15 के 4 समोसे आपको और कहीं नहीं मिलेंगे. ये है शहरवासियों की पहली पसंद.
यहां की ब्रेड भजिया, आलू गुंडा भी खास है
उन्होंने बताया कि रांची सुपरमार्केट सेंटर पर आपको गरमा गरम मुंगौड़ी, बेड भजिया, आलू गुंडा भी मिलेगा। सबसे खास बात तो यह है कि यहां पर सबसे पुराना नाश्ता गर्मागर्म ताजा बनाया जाता है. जिसे आप खुद यहां गरमा-गरम देख सकते हैं। इनमें से यहां की कलाकृतियां ऐसी हैं कि प्लास्टिक की कलाकृतियां ही खत्म हो जाती हैं, और आपको यहां लाइन लगानी कलाकृतियां मिलती हैं।
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पहले प्रकाशित : 10 जनवरी 2024, 11:20 IST
