
चीनी सेना ने अमेरिका से कही दो टूक, जानिए ताइवान मुद्दे पर क्या है चीन बोला?
चीन अमेरिका: चीन और अमेरिका की तनातनी जगजाहिर है। अमेरिका चीन की वन-नायिका स्थिरता को चिह्नित नहीं किया गया है। ताइवान पर चीन के किसी भी कदम का अमेरिका विरोध करता है। इसी बीच चीन ने अमेरिका से दो टूक कहा है कि वह ताइवान के मुद्दे पर पीछे का वातावरण नहीं है। चीन और अमेरिका की सेनाओं में दो दिनों के सैन्य संवाद के दौरान चीन ने ताइवान को लेकर अपना यह पक्ष रखा। चीनी रक्षा मंत्रालय ने साफा ने कहा कि वह ताइवान मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे। चीनी सेना ने अमेरिका से ताइवान को हथियार बंद करने का भी आग्रह किया। साथ ही चीन ने अमेरिका से ये भी कहा कि दक्षिण चीन सागर में अपने सैन्य रॉकेट और रॉकेट कारों को काम करें।
चीन ने अमेरिका के सामने रखी अपनी चिंताएं
चीन ने कहा है कि हमने अपने मूल हितों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से जुड़े सलाहकारों की गंभीर स्थिति और प्रमुख सिद्धांतों के बारे में विस्तार से बताया है। अमेरिका को भी समुद्री और हवाई सुरक्षा के मूल सिद्धांतों को पूरी तरह से शामिल करना चाहिए। उसे अपने रॉकेट रॉकेट पर लगेम लगाना चाहिए और अतिशयोक्ति और प्रचार बंद करना चाहिए। कॉन्स्टेंट ताइवान पर दावा करते हुए कह रहा है कि यह उसके क्षेत्र का हिस्सा है।
2021 के बाद पहली बार हुई अमेरिका-चीन की सैन्य बातचीत
अमेरिका और चीन के बीच 2021 के बाद यह पहली सैन्य बातचीत है, जिसमें चीन ने ताइवान के मुद्दे पर किसी भी तरह से समझौते को खारिज कर दिया है। चीन का ये बयान ऐसे समय आया है, जब ताइवान में चुनाव हो रहे हैं। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा होने का दावा कर रहा है लेकिन यह द्वीप खुद चीनी मुख्य भूमि से अलग है। चीन ताइवान की आज़ादी का समर्थन नहीं करता।
