रिपोर्ट- सौरभ वर्मा
उत्तर पान के शौकीन सब होते हैं. अगर खाने के बाद पान मिल जाए तो खाना भी हजम हो जाता है और स्वाद भी बन जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पान की खेती कैसे होती है। सरकार इसके लिए क्या सेवाएं देती है। अगर नहीं तो आपको इस खबर में मिलेगी पूरी जानकारी
बदलते समय के साथ खेती किसानी में भी बदलाव आया है। किसान अब अपनी पारंपरिक खेती छोड़ें बागवानी खेती करना चाहते हैं। सरकार उपयोगी मदद के लिए कई योजनाएं लेकर आई है। उद्यान विभाग पान की खेती करने वाले किसानों को अनुदान दे रहा है।दरअसल यह योजना पान की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है। जो भी किसान पान की खेती कर रहे हैं। वह इस योजना का लाभ लेने के लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।
ये दस्तावेज़ जरूरी हैं
सरकार इस योजना के लिए किस तरह की मदद कर सकती है यह भी बताया गया है। इस योजना में अनुदान आवेदन के लिए किसान के पास बैंक पास बुक, भू अभिलेख, आधार कार्ड होना जरूरी है। तभी इस योजना का लाभ किसानों को मिल सकता है। साथ ही लगभग 1000 हजार वर्ग मीटर के तेल में पान का बरेजा होना चाहिए। इस योजना में सरकारी ओबीसी जाति, जनजाति जनजाति एवं महिला किसानों को नौकरी दी जाती है। किसान को उसके बरेजा के फिल्मांकन के आधार पर अनुदान राशि दी जाती है।
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इस वेबसाइट पर आवेदन करें
जिला उद्यान अधिकारी रमाकांत वर्मा ने बताया कि पान की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक मदद के लिए उद्यान विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। जो भी किसान पान की खेती करते हैं वे उद्यान विभाग की वेबसाइट https://dbt.uforticulture.in/ पर अपने जरूरी दस्तावेज के साथ आवेदन कर सकते हैं।
वास्तविक अनुदान
प्रथम अनुदान राशि: 1000 वर्ग फुट के स्मारक के बेरेजा वाले किसान को 50 हजार 453 रुपये।
द्वितीय अनुदान राशि: 750 वर्ग फुट के स्मारक के बेरेजा वाले किसान को 37हजार839 रुपये।
तृतीय अनुदान राशि: 500 वर्ग फुट के स्मारक के बरेजा वाले किसान को 25 हजार 225 रुपये की अनुदान राशि दी जाती है।
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पहले प्रकाशित : 12 जनवरी 2024, 16:37 IST
