5 दांतों की काल है इस पेड़ की मूर्ति, इस्तेमाल किया जाएगा मोतियों की तरह चमकेंगे, चेहरे पर लगेंगे गजब की मुस्कान
बबूल चल के फायदे: हमारे आस-पास कई ऐसी चीजें हैं, आयुर्वेद में शामिल बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे भी कई पेड़-पौधों के रहस्य हैं, जिनमें फल, फूल और सभी उपयोगी भाग हैं। लेकिन यहां एक ऐसे पेड़ का ज़िक्र है, जो छात्र छात्र बेहद करामाती है। जी हां, इस पेड़ को बबूल के नाम से जाना जाता है। इसमें एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण गले की बेहद खराब स्थिति में हैं। यही कारण है कि आयुर्वेदिक दवा बबूल की शिष्या द्वारा वर्षों से उपयोग में लाई जा रही है। इसके चमत्कारिक गुणों को आज के वैज्ञानिक विज्ञान ने भी तवज्जो दी है। आओ आयुर्वेदिक एवं हॉस्पिटल, लखनऊ के आयुर्वेदाचार्य डॉ. सर्वेश कुमार से जानते हैं बबूल के छात्र के कई और फायदे-
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दांत मजबूत:आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, बबूल के शिष्य का प्रयुक्त टूथपेस्ट भी बनाया जाता है। यह मसूड़ों और दांतों को ताकत देता है। यह मसूद की चुनौती से भी बेहतर है। बबूल की फली और त्वचा को दाग कर दिया जाता है और इसका उपयोग दांतों को साफ करने और दांतों के दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा बबूल की दातुन भी दांत साफ करने में बहुत काम आती है. (छवि- कैनवा)
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घाव की विधि:आयुर्वेदाचार्य डॉ. सर्वेश कुमार के मुताबिक, बबूल की मूर्तियां रथ में काम आती हैं। बबूल की आंत और मांसपेशियों में सूजन-रोधी और बैक्टीरिया प्रतिरोधी गुण होते हैं, जो लक्षण और संक्रमण को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं जो सूजन, कटने और मांसपेशियों को ठीक करने में तेजी लाते हैं। घाव को जल्दी ठीक करने के लिए थोड़ी मात्रा में बबूल के पाउडर का पाउडर लें और उस पर छिड़कें। (छवि- कैनवा)
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बाल झड़ना रोके: विशेषज्ञों के अनुसार, बबूल की मिठाई बालों के झड़ने से रोकना हानिकारक साबित होता है। बालों को छोड़ने से रोकने के लिए बबूल की रिज़ल्ट का पेस्ट सिर पर रखें, 15-20 मिनट तक रुकें और गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें। (छवि- कैनवा)
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त्वचा चमकती है: बबूल की त्वचा के शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल गुण, त्वचा में आइसोलेट के इलाज में खतरनाक हैं। इसके अलावा, बबूल की दोस्त त्वचा की चमक को भी जगाती हैं। (छवि- कैनवा)
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पेट की परेशानी दूर करें: डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि, बाबूल का खाली हाथ से तैयार काढ़ा बैचलर और पेट का संक्रमण ठीक हो सकता है। यह पेट की गड़बड़ी को नियंत्रित करके दस्त के इलाज में प्रभावी पौधा होता है। (छवि- कैनवा)
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