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छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पुरावशेष सैनेटरी पैड मशीन, पुरावशेषों को पुरावशेषों में जरूरी पैड


सौरभ तिवारी/बिलासपुर. माहवारी के दौरान सीनेटरी पैड आसानी से नहीं मिलने के कारण कई छात्र स्कूल नहीं जा पाते हैं। स्कूल आने के बाद भी हमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं शासन ने इसके बारे में सोचा है और एक प्रोजेक्ट का काम करने जा रहा है। इस पर ध्यान देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग 278 स्कूल में सेनेटरी एंप्लॉयमेंट वेंडिंग मशीन का निर्माण किया जा रहा है। रेजिस्टर ने अपने लिए 1 करोड़ 69 लाख 88 हजार रुपए की वैल्यूएशन की है। स्कूल में पैड वेंडिंग मशीन लग जाने से क्लासिकल को राहत मिलती है। एक ओर जहां उनकी जेबें पर भारी बोझ नहीं दिखता तो वहीं दूसरी ओर उनके स्कूल में ही उन्हें पैड्स उपलब्ध होते हैं।

यह सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र के विद्वानों में से एक है। सबसे पहले शहरी क्षेत्र के मध्य, उच्च एवं हैयर गोल्फ में सेनेटरी पैड मशीन मिलेगी। आरंभिक तौर पर 5000 ग्रैजुएशन मुक्त हो जायेंगे। उसके बाद 2 रुपये में एक विकल्प दिया गया। मशीन-सिलाई के शौचालयों में मूल्य निर्धारण। सेजेस के प्रमुख संगठनात्मक ढांचे ने स्वामी को बताया कि आत्मानंद स्कूल के अलावा सरकारी स्कूल में अखिल भारतीय संग्रहालय शामिल हैं। साथ ही इनलेट के सुरक्षित धार्मिक स्थलों की भी व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा।

मॉडल और उनके पालक विभाग की इस शुरुआत से खुश हैं। सभी ने इस पहल की शुरुआत की है। उनका कहना है कि इसी तरह नेपोलियन की ये परेशानी काफी कम होगी. वह माहवारी के दिनों में भी स्कूल जा चुकी थी और उन्हें चिंता या चिंता होने की कोई जरूरत नहीं थी।

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पहले प्रकाशित : 05 सितंबर, 2023, 17:07 IST



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