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​जिस चीन ने दुनिया को दिया कोरोना, उसी ने फिर से जगाया, कहा ‘इस महीने फिर बढ़ेंगे कोरोना के मामले


चीन में जनवरी में बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: फ़ाइल
चीन में जनवरी में कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं

चीन कोरोना समाचार: चीन में कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं। चीन सरकार ने चेतावनी दी है कि इस महीने कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी आ सकती है। यह दावा चीन की सरकारी मीडिया ने किया है। बताया गया है कि चीन में ग्लोब की वजह से सांस संबंधी बीमारियां जैसे कि कोविड 10 जैसे मामलों की संख्या इस महीने बढ़ सकती है। वैसे चीन में नए साल से अब तक कोरोना के मामले असामान्य रूप से कम हो रहे हैं, लेकिन अब चीन की सरकार ने चेतावनी दी है कि इस महीने कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के प्रवक्ता मी फेंग ने मीडिया को बताया कि चीन के विशेषज्ञ अभी भी बुखार के मरीज नहीं हैं। फिर भी एसालिटिकल साइंस जैसे इन्फ्लूएंजा और कोविड19 का खतरा अभी भी बना हुआ है। इस कारण से कोविड 19 के मामले और बढ़ सकते हैं। चीन की सरकार ने बताया कि उनके देश में इन्फ्लूएंजा संक्रमण की शुरुआत अक्टूबर में होती है।

उत्तर प्रदेश में 57 फीसदी का मामला

देश के दक्षिणी प्रांतों में इन्फ्लूएंजा के मामलों में 36.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। वहीं उत्तरी राज्य में 57 प्रतिशत मामले बढ़े हैं। चीन की सरकार का कहना है कि कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों को इन्फ्लूजा बी वायरस का संक्रमण हुआ, उनमें इन्फ्लुएंजा बी वायरस का संक्रमण भी हुआ। इसका मतलब है कि इन्फ्लूएंजा संक्रमण से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो गई है। ऐसे में खतरनाक है कि ख़राब इम्युनिटी के लोग कोरोना संक्रमण का भी शिकार हो सकते हैं।

ब्रिटिश मीडिया ने चीन में कोरोना की खराब स्थिति के बारे में बताया

पिछले दिनों क्रिसमस के आसपास के ब्रिटिश अखबार डेली स्टार ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि चीन के इस इलाके में कोरोना वायरस के चलते बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं। कथित तौर पर मरने वालों की संख्या इतनी अधिक है कि वहां के श्मशानों में 24 घंटे काम किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ की श्रेणी में कोविड के इस नए समूह को रखा है और कहा है, ‘हाल के दिनों में हमने देखा है कि जेन.1 के मामले कई देशों में रिपोर्ट किए गए हैं। यह स्टार्टअप तेजी से चल रहा है। यह ऑक्सफोर्ड ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2.86 से बना है। यह इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि हम इसे एक नए छात्र के रूप में करना शुरू कर रहे हैं।’

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