सौरभ तिवारी/बिलासपुरः यदि आप अपने मन से कोई भी वस्तु प्राप्त करना चाहते हैं और उसके लिए दिल लगा कर मेहनत करो तो सफलता ही सफलता है। कुछ ऐसी ही कहानी है अंबिकापुर में रहने वाली हिमांशी की। फ़ास्ट ने पहले ही सिविल जज का एग्ज़ॉम क्लीयर करने का प्रयास किया है। अंबिकापुर के संगम चौक में रहने वाली हिमांशी अब जज बन गई हैं। हिमांशी शुरू से मेधावी छात्र रही हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई लिखाई अम्बिकापुर में ही रखी है। जबकि हिमांशी ने एलएलबी की डिग्री बिलासपुर के गुरुघासीदास विश्व विद्यालय से हासिल की। एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद हिमांशी ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।
हिमांशी संगम चौक के रहने वाले किसान सराफ की बेटी हैं। जबकि उनकी मां का नाम लीना सराफ है। हिमांशी ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर को देने के साथ ही मां-बाप समेत पूरे परिवार और गुरुजनों को दिया है। हिमांशी की इस सफलता के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है और हर कोई हिमांशी और उनके परिवार को शुभकामनाएं दे रहा है। आपको बता दें कि सिविल जज की परीक्षा में हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया था। जिसमें से करीब 150 के करीब इंटरनैशनल इंटरनैशनल तक पहुंचे जहां हिमांशी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ये मुकाम हासिल किया। हिमांशी ने 6वीं रैंक हासिल की।
मिले तीन अंक
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल जज के 48 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। वी.एस. परीक्षा फिर से साक्षात्कार के प्री के बाद गुरुवार को इसका परिणाम जारी किया गया। हिमांशी को 100 में 79.5 अंक जबकि इंटरव्यू में 15 में 11 अंक मिले हैं।
ये टिप्स नीचे दिए गए हैं
हिमांशी ने सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही युवाओं की सफलता के टिप्स भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर कंसिस्टेंसी बनाए रखें। रेगुलेटरी पढ़ाई करें, हार्ड वर्कशॉप करें, इससे सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन 6-7 घंटे पढ़ाई करते हैं।
.
टैग: स्थानीय18, सरकारी नौकरी
पहले प्रकाशित : 15 जनवरी 2024, 15:52 IST
