उत्तर
यदि किसी व्यक्ति का फास्टिंग ब्लड शुगर 100mg/dL या इससे अधिक हो, तो डॉक्टर से मिलें।
प्री-डायबिटीज के मरीज सही समय पर डॉक्टर से सलाह लें, तो डायबिटीज से बच सकते हैं।
सामान्य रक्त शर्करा स्तर: इस वक्त महामारी की तरह फैल रही है और अमेरिका में करोड़ों की सहूलियत वाले लोग शिकार हो गए हैं। चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग प्री-डायबिटीज के शिकार हैं, लेकिन उनका इस बात का पैमाना भी नहीं है। एक अनुमान की मानें तो भारत में करीब 10 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित हो गए हैं, जबकि 15 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज से पीड़ित हो गए हैं। इनमें से लोगों को बीमारी का पता ही नहीं है। डॉक्टर की राय तो घर पर ही ब्लड शुगर की जांच करें यह पता लगाया जा सकता है कि आपका शुगर लेवल कितना है या कितना है। आमतौर पर लोगों का खाली पेट ब्लड शुगर 60mg/dL से 100 mg/dL के बीच होना चाहिए। खाना खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर लेवल 120 से 140 mg/dL के बीच हो, तो यह नॉर्म माना जाता है।
ग्रेटर के फ़ोर्टिस हॉस्पिटल के ऑटोमोबाइल मेडिसिन विभाग के हॉस्पिटल डॉ. दिनेश कुमार रैना के अनुसार श्रमिकों एक गंभीर बीमारी है. इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों का ब्लड शुगर एक्कंट्रोल हो जाता है और उसे कंट्रोल करने के लिए दवाइयों के साथ-साथ दवाओं के बैंलेस, अरेस्ट और अच्छी लाइफस्टाइल अपनानी दी जाती है। विषाक्तता का इलाज केवल नियंत्रित करके किया जा सकता है और इसे हमेशा के लिए ठीक करना संभव नहीं है। ऐसे में सबसे जरूरी है कि लोग अपना ब्लड शुगर की जांच कराएं और समय-समय पर चेकअप कराएं। जिन लोगों को मधुमेह की शिकायत होती है, वे इसे उल्टा कर सकते हैं। हालांकि लोगों को ब्लड शुगर लेवल के बारे में जानकारी रखनी चाहिए, ताकि घर पर भी इसकी मॉनिटरिंग की जा सके।
ब्लड शुगर लेवल क्या है?
डॉ. दिनेश कुमार की सलाह तो ब्लड शुगर खाली पेट और डॉक्टर के 2 घंटे बाद चेक किया जाता है। सभी उम्र के लोगों का ब्लड शुगर लगभग बराबर होता है। उम्र के हिसाब से इसमें कोई बदलाव नहीं होता है. आमतौर पर लोगों का फास्टिंग ब्लड शुगर 60mg/dL से 100 mg/dL के बीच होना चाहिए। यह सामान्य माना जाता है. खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर 120 से 140 mg/dL के बीच होना चाहिए। इसे नाममात्र पोस्ट मील शुगर माना जाता है। यदि आपका शुगर लेवल इस रेंज में है, तो आप स्वस्थ हैं और कीटों का खतरा नहीं है। इससे ज्यादा हो, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।
ब्लड शुगर कितना होता है प्री-डायबिटीज का संकेत?
किसी व्यक्ति का फास्टिंग ब्लड शुगर 100-124 mg/dL के बीच हो और पोस्ट मील शुगर 140-160 mg/dL की रेंज में हो, तो इसे प्री-डायबिटीज की श्रेणी में रखा जाता है। इसका मतलब यह है कि व्यक्ति का ब्लड शुगर सामान्य से अधिक है, लेकिन मरीज़ की बीमारी नहीं है। प्री-डायबिटीज को औषधियों और खान-पान से रिवर्स करके नामांकित किया जा सकता है। प्री-डायबिटीज के मरीज HbA1C टेस्ट करा सकते हैं। इस टेस्ट में पिछले 3 महीने का औसत ब्लड शुगर का पता चलता है। अगर HbA1C टेस्ट का रिजल्ट 5.7 से 6.4 के बीच आता है, तो प्री-डायबिटीज कंफर्म हो सकता है।
ब्लड शुगर किस प्रकार होता है?
डॉक्टर के अनुसार जब फास्टिंग शुगर 125 mg/dL से अधिक हो जाए और डॉक्टर के 2 घंटे बाद शुगर 160 mg/dL या इससे अधिक हो जाए, तो यह विषाक्तता का संकेत हो सकता है। ऐसी कंडीशन में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर इलाज कराना चाहिए। मधुमेह कंफर्म करने के लिए डॉक्टर कुछ परीक्षण करा सकते हैं और परिणाम के आधार पर रोगियों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सकेगा। एचबीए1सी टेस्ट के लिए उपभोक्ता कंफर्मेशन करवाएं। इस टेस्ट का रिजल्ट 6.5 या इससे ऊपर आया, तो कंफर्म होता है। ऐसे में शुगर की दवा लेनि को डेट किया जाता है। 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को समय पर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 15 जनवरी 2024, 11:33 IST
