आशुतोष/रीवा: भीषण ठंड में हार्ट अटैक रोगज़नक़ बन रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बिल्कुल फिट व्यक्ति भी हार्ट अटैक से जान गंवा रहा है। यहां तक कि अब युवाओं में भी हार्ट अटैक की समस्या दिखने लगी है। रीवा के सरकारी निजीकरण से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, दिसंबर महीने में 1300 हार्ट के मरीज़ क्षेत्र। यह दस्तावेज़ केवल सरकारी निजीकरण के हैं, यदि निजी निजीकरण में भर्ती किए गए हार्ट पेशेंट को भी शामिल किया गया है तो संख्या की क्षमता हो सकती है।
दिसंबर महीने में रीवा में 120 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। हार्ट अटैक होने से सभी ट्रेनर हैरान कर रहे हैं। जिलों में ऐसी भी हार्ट अटैक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां सॉल-सोते में भी लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक की वजह से जान गवा रहे हैं। ऐसे में इस विषय को लेकर चिंता जायज है. वहीं रीवा के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट ने लोगों को बड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इसके अनुसार, हृदय की समस्या का निदान भी होता है।
ऐसे ही बने रहें
प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट हृदय रोग विशेषज्ञ सुपर स्पेशलिटी रीवा। डॉक्टर ट्रायल में बताया गया है कि अगर किसी की मां या पिता को दिल की बीमारी है, तो उसे दिल की बीमारी का खतरा है। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि ऐसे लोग अपनी लाइफस्टाइल को 35 साल की उम्र के साथ-साथ हर 3 साल पर अपनी लाइफस्टाइल चेकअप स्टॉक के साथ रखें।
ऐसी होती है शुरुआत
डॉ. आर्टिस्ट त्रिपल ने बताया कि अगर आपकी दृष्टि अचानक चमकती है या सीने में तेज दर्द होता है तो एक चेतावनी साइन की तरह लें और तुरंत अपने दिल का चेकअप करें। किसी भी व्यक्ति को अगर थोड़ा भी काम करने या लकड़ी में सांस फूलने या सीने में दर्द की समस्या हो या बाएं हाथ या उसके आसपास के कंधे या पेट के हिस्से में दर्द महसूस हो तो उसे भी बिना जांच करवानी चाहिए।
ठंड में विशेष ध्यान देने की जरूरत है
ठंड के दिनों में ब्लड प्रेशर होने की वजह से लोगों को हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे लोगों को समय-समय पर अपना चेकअप जरूर कराना चाहिए। क्योंकि ठंड के मौसम में दिल की सबसे ज्यादा समस्या होती है। ठंड के दिनों में शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय पर अधिक काम करना पड़ता है। ठंड में ब्लड भी हो जाता है, धमनियों में भी होता है, इसलिए ठंड के दिनों में हार्ट अटैक के चांस और भी बढ़ जाते हैं।
जरूरी है ये सूची
डॉ. ट्रिप ने बताया कि कई लोग ठंड के दिनों में डकैती भी छोड़ देते हैं। ज्यादा कठिन लक्ष्य तो नहीं, लेकिन ब्लड सर्कोलाइन सही रहना इसके लिए योग और व्यायाम बेहद जरूरी है। इससे दिल भी स्वस्थ रहता है। लेकिन परेशानी होने पर जांच सभी के लिए जरूरी है। लक्ष्यों के समय पर भी ध्यान देना चाहिए कि ज्यादातर समय तक सामान्य लक्ष्यों पर ही ध्यान देना चाहिए, लेकिन लक्ष्यों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
मोलभाव पर ध्यान देना जरूरी
डॉ. ट्रिप ने बताया कि संयुक्त जीवन शैली के कारण पशुपालन, जंक फूड खाना या अधिक सामूहिक भोजन दिल के दौरे का कारण बनता है। प्रत्येक व्यक्ति के शारीरिक रूप से कुछ न कुछ कमी होती है। लेकिन उस कमी को कोई व्यक्ति नहीं जानता है। शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्त्व तो चाहिए ही, लेकिन अधिकतर तेल-मसाले वाले जंक फूड खाने से भी दिल की सेहत खराब होती है।
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई सलाह हमारे वैज्ञानिकों द्वारा दी गई चर्चा के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है, कोई व्यक्तिगत सलाह नहीं। हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग-अलग हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद ही, किसी भी चीज का उपयोग करें। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम का किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।
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पहले प्रकाशित : 16 जनवरी, 2024, 15:57 IST
