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अदन की खाड़ी में एक बार फिर से वाणिज्यिक जहाज़ का डिज़ाइन बनाया गया है। इस जहाज में 9 भारतीय समेत कुल 22 सदस्य सवार थे। हालांकि भारतीय नौसेना ने तेजी से जवाबी कार्रवाई की। इसे सभी भारतीय वाद्ययंत्रों को सुरक्षित रूप से बचाया गया है। पिछले 1 महीने में अदन की खाड़ी में यह दूसरा हमला हुआ है। इससे अदन की खाड़ी में भी चट्टानें बनी हुई हैं। भारतीय सेना के युद्धपोतों पर लगातार कार्रवाई जारी है।
बताया जा रहा है कि अदन की खाड़ी में मार्शल द्वीप के झंडे वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर रविवार रात को हमला हुआ, जिसके तुरंत बाद भारतीय नौसेना ने जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जहाज पर नौ भारतीय चालक दल के 22 सदस्य सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना के विध्वंसक ‘आई शोआग विशाखापत्तनम’ ने ‘जेनको पिकार्डी’ जहाज से एक घंटे के भीतर जवाबी कार्रवाई की एक आपत्ति संदेश भेजा था। उन्होंने बताया कि दक्षिण में 60 समुद्री मील की दूरी पर पोर्ट अदन पर वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया गया था।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना के ईओडी (विस्फोटक आयुध स्टूडियो) विशेषज्ञ जहाज का निरीक्षण करने के लिए ग्रुप सुबह चले गए। अधिकारियों ने बताया कि जहाज को आगे की यात्रा के लिए मंजूरी दे दी गई है, जिसके बाद ईओडी विशेषज्ञ ने गहन जांच की। नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ”समुद्री लूट निरोधक अभियानों के लिए अदन की खाड़ी में विशाखापत्तनम ने रविवार रात 11 बजे से 11 मिनट तक हमले के बाद मार्शल द्वीप के ध्वज वाले ‘एमवी जेनको पिकार्डी’ के संकट में होने की बात कही। संदेश का शीघ्र उत्तर दिया।’ (भाषा)
